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घुटकू में नवरात्री पर्व पर होगा श्री मद्देवी भागवत सप्ताह ज्ञान का आयोजन

घुटकू में नवरात्री पर्व पर होगा श्री मद्देवी भागवत सप्ताह ज्ञान का आयोजन

बिलासपुर : श्री आदिशक्ति सेवा संस्थान घुटकू बिलासपुर के तत्वाधान में चैत्र नवरात्री साधना पर्व 2023 में 22 मार्च से 30 मार्च तक श्री मद् देवी भागवत कथा ज्ञान का आयोजन किया जा रहा है। उक्त भागवत कथा का वाचन पंडित श्री छत्रधर शर्मा जी महराज के नानापुरी पण्डरिया वाले के द्वारा किया जावेगा। पंडित श्री छत्रधर शर्मा द्वारा बताया गया कि देवी भागवत के पढने एवं सुनने से भयंकर रोग, अतिवृष्टि, अनावृष्टि भूत-प्रेत बाधा, कष्ट योग और दूसरे आधिभौतिक, आधिदैविक तथा आधिदैहिक कष्टों का निवारण हो जाता है।

सूतजी ने इसके लिए एक कथा का उल्लेख करते हुए कहा-वसुदेव जी द्वारा देवी भागवत पुराण को पारायण का फल ही था कि प्रसेनजित को ढूंढने गए श्रीकृष्ण संकट से मुक्त होकर सकुशल घर लौट आए थे। इस पुराण के श्रवण से दरिद्र धनी, रोगी-नीरोगी तथा पुत्रहीन स्त्री पुत्रवती हो जाती है। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शूद्र चतुर्वर्णों के व्यक्तियों द्वारा समान रूप से पठनीय एवं श्रवण योग्य यह पुराण आयु, विद्या, बल, धन, यश तथा प्रतिष्ठा देने वाला अनुपम ग्रंथ है।

श्री मद देवी भागवत कथा चैत्र शुक्ल पक्ष प्रथम तिथि दिनांक 22 मार्च बुधवार को कलश यात्रा , माहात्म्य पूजन, अष्टाध्यायी एवं उसी अनुक्रम में 23 मार्च को कथा प्रारंभ, 24 मार्च को मणिद्वीपवर्णन, अम्बिकायज्ञ, श्री राम द्वारा नवरात्र व्रत, नरनारायण कथा, 25 मार्च को शुक्रतप, हरिअवतार कथा, योगमायावर्णन, महिषासुर रक्त बीज की उत्पत्ति , 26 मार्च को युद्वआरंभ, दुर्मुख शुम्भनिशुम्भ वर प्राप्ति इत्यादि ,27 मार्च को एकबीर एकावली कथा, नारद विवाह, तारकासुर वध, उपदेश, 28 मार्च को खगोल भूगोल वर्णन , तुलसी चरित्र 29 मार्च को महालक्ष्मी प्राकट्य स्वाहा स्वधा कथा , दक्षिणा , चढोत्री एवं अंतिम में 30 मार्च को गीता, तुलसी वर्षा, कपिला तर्पण, विजर्सन, ब्राम्हण भोज, शोभायात्रा कार्यक्रम संपन्न होना है।

श्री आदि शक्ति सेवा संस्थान घुटकू बिलासपुर के अध्यक्ष श्री मुकेश पाठक द्वारा बताया गया कि उक्त अवधि में प्रतिदिवस दोपहर 1 बजे से 5 बजे तक प्रवचन होंगे। उन्होंने बताया नवरात्री पर्व में पूर्व वर्ष की भांति प्रतिदिन जसगीत कीर्तन/भजन रात्रिकाल में किया जाएगा। ग्रामीण द्वारा अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से भागवत कथा पुराण में आने का आग्रह किया गया है।

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