भारत-पाक तनाव के बीच UN में शहबाज का बयान, सिंधु जल और कश्मीर पर साधा निशाना
न्यूयॉर्क(न्यूज़डेस्क)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भारत-पाकिस्तान संबंधों और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि भारत अगर सिंधु नदी के पानी को रोकने की कोशिश करता है तो पाकिस्तान इसे युद्ध जैसी कार्रवाई के तौर पर देखेगा। शहबाज शरीफ ने कहा कि पानी को राजनीतिक या रणनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने भारत से सिंधु नदी के पानी को लेकर ऐसा कोई कदम नहीं उठाने की अपील की, जिसे पाकिस्तान अपने खिलाफ कार्रवाई के रूप में देखे।
कश्मीर को बताया पाकिस्तान के लिए बेहद अहम
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कश्मीर का भी जिक्र किया। उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान के लिए “जगलर वेन” यानी गर्दन की नस बताया। उनके मुताबिक, जिस तरह शरीर में गर्दन की नस महत्वपूर्ण होती है, उसी तरह कश्मीर पाकिस्तान के लिए अहम है। हालांकि, शहबाज के इन दावों पर भारत की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई।
भारत ने UN में दिया जवाब
UNGA में पाकिस्तान के बयान पर भारत की ओर से राइट ऑफ रिप्लाई के तहत अधिकारी पेटल गहलोत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि केवल किसी बात को लगातार दोहराने से वह सच नहीं बन जाती। भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर आरोप लगाता रहा है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
पहलगाम हमले और भारत-पाक तनाव का भी जिक्र
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की सेना ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में भारत को जवाब दिया। शहबाज ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भी तारीफ की और कहा कि मई 2025 में दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में उनकी भूमिका रही। “
शहबाज के मुताबिक, अमेरिकी प्रयासों से दोनों देशों के बीच बड़े सैन्य टकराव की स्थिति टली। इसी दौरान ट्रम्प ने शहबाज शरीफ के भाषण का करीब 87 सेकेंड का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर बिना किसी टिप्पणी के साझा किया।
शहबाज बोले- कश्मीर का समाधान जरूरी
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण एशिया में भविष्य में दोबारा तनावपूर्ण हालात पैदा नहीं होने चाहिए। उन्होंने इसके लिए कश्मीर विवाद के समाधान को जरूरी बताया।
सिंधु जल संधि पर भारत के फैसले को पाकिस्तान ने बताया गलत
शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर भी भारत के कदम पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बाद भारत ने संधि को एकतरफा तौर पर रोक दिया, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने आगे दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और स्थायी मध्यस्थता अदालत की कार्यवाही से पाकिस्तान के रुख को समर्थन मिला है। इन दावों पर भारत का रुख अलग रहा है और दोनों देशों के बीच इस मुद्दे की कानूनी व्याख्या को लेकर मतभेद हैं।
पहलगाम हमले के बाद बदले हालात
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ा। भारत ने हमले के बाद पाकिस्तान पर आतंकियों को समर्थन देने का आरोप लगाया, जबकि पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज किया। इसी घटनाक्रम के बाद भारत ने सिंधु जल संधि के तहत सहयोग को रोकने की घोषणा की थी। इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव अब भी बना हुआ है।
