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ग्राम पंचायत पौड़ी में तालाब गहरीकरण में मशीनों का खेल; फर्जी हाजिरी और वित्तीय अनियमितता के संगीन आरोप

* ग्राम पंचायत पौड़ी में तालाब गहरीकरण में मशीनों का खेल; फर्जी हाजिरी और वित्तीय अनियमितता के संगीन आरोप…
* मनरेगा कार्यों में धांधली: छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ की खबर का बड़ा असर, ग्रामीण ने कलेक्टर से की शिकायत…

कोरिया: छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़’ पर प्रमुखता से खबर दिखाए जाने के बाद ग्राम पंचायत पौड़ी में मनरेगा कार्यों में चल रहे भ्रष्टाचार का मामला अब जिला प्रशासन के पास पहुंच गया है। खबर का संज्ञान लेते हुए ग्राम पौड़ी के सजग नागरिक विजेंद्र दास ने जिला कलेक्टर कोरिया को एक औपचारिक शिकायती आवेदन सौंपा है। विजेंद्र दास ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।

​1. नियमों को ताक पर रखकर मशीनों से कराया जा रहा काम

​कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिस तालाब गहरीकरण कार्य में स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिलना चाहिए था, वहां ट्रैक्टर और अन्य भारी मशीनों का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है।

​2. बिना ग्राउंड वेरिफिकेशन के मूल्यांकन और वित्तीय गड़बड़ी

​शिकायतकर्ता के अनुसार, तकनीकी सहायक (टीए) कार्यालय में बैठकर ही कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं। बिना कार्यस्थल का भौतिक सत्यापन (स्पॉट निरीक्षण) किए ही कार्य का मूल्यांकन (वेल्युएशन) किया जा रहा है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि मशीनों (ट्रैक्टर मालिकों) को भुगतान करने के लिए ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा के नियमों के विपरीत जाकर अन्य मदों की राशि का उपयोग करने की बात कही जा रही है, जो सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता और शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला है।

​3. मस्टर रोल में ‘फर्जी हाजिरी’ का खेल

​आवेदन में मनरेगा मेटों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कार्यस्थल से वास्तविक मजदूर नदारद हैं, लेकिन मेटों द्वारा मस्टर रोल में उनकी फर्जी हाजिरी दर्ज की जा रही है। इस ‘फर्जीवाड़े’ से जहां एक तरफ शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ गांव के वास्तविक और जरूरतमंद श्रमिकों के हक को मारा जा रहा है।

शिकायतकर्ता विजेंद्र दास की मांग:

“इस पूरे मामले में तकनीकी सहायक, संबंधित मेट और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत है। हमारी कलेक्टर महोदय से मांग है कि कार्यस्थल का तत्काल भौतिक सत्यापन कराया जाए, फर्जी हाजिरी और वित्तीय गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों को तत्काल निलंबित किया जाए।”

 

​मामले के मुख्य बिंदु: जिस पर टिकी है जांच

क्र. सं.

अनियमितता का प्रकार

शिकायत का मुख्य आधार

01

मशीनों का अवैध उपयोग

मनरेगा में मजदूरों की जगह ट्रैक्टरों से तालाब की खुदाई।

02

फर्जी मस्टर रोल

बिना काम पर आए मजदूरों की कागजों में उपस्थिति दर्ज।

03

मद परिवर्तन (Financial Fraud)

ट्रैक्टर मालिकों को भुगतान के लिए दूसरे फंड की राशि का इस्तेमाल।

04

लापरवाह मूल्यांकन

तकनीकी सहायक द्वारा बिना साइट विजिट किए मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करना।

छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़’ पर इस खबर के प्रसारित होने के बाद से ही ग्रामीणों में आक्रोश है। अब देखना यह होगा कि जिला कलेक्टर इस गंभीर शिकायत पर कितनी जल्दी संज्ञान लेते हैं और पौड़ी पंचायत के इस ‘मशीनी खेल’ का पर्दाफाश कब तक होता है।

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