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साय साहब अब भी बहुत से अधिकारी कर्मचारी कर रहे हैं जनता से दुर्व्यवहार : कब होगा सुधार

  अब पंचायत सचिव ने किया ग्रामीण युवक से दुर्व्यवहार

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ से कांग्रेस शासन की बिदाई को महीनों गुजर चुके हैं, किन्तु अब भी बहुत से अधिकारी कर्मचारी पुराने ढर्रे पर ही चल रहे हैं। टेबल के उस पार बैठे कुछ अधिकारियों/ कर्मचारियों ने जनता के साथ दुर्व्यवहार करना अपना अधिकार समझ लिया है। जिस जनता की सेवा के लिये उनकी नियुक्ति की जाती है उसी जनता का अपमान पूरी गुंडागर्दी के साथ सरकारी दफ्तरों में करते हैं। ये जानते हैं कि सामने वाले ने यदि अपमान का विरोध किया तो सरकारी कार्य में बाधा की एफआईआर का ब्रम्हास्त्र चला दिया जाएगा।

हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी, कहा अशोभनीय और निंदनीय

सरकारी दफ्तरों में टेबल के उस पार बैठे कुछ अधिकारी किस तरह अमर्यादित आचरण करते हैं,मीडिया के द्वारा सामने आये कुछ उदाहरण समझने योग्य है –
(1) छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की घटना का उल्लेख यहाँ करते हैं। 4 सितम्बर 2024 को डोंगरगढ़ सरकारी स्कूल की छात्रायें शिक्षकों की कमी की शिकायत लेकर डीईओ अभय जायसवाल के पास गई थी, छात्राओं के आवेदन को देखकर डीईओ साहब भड़क गये थे। उन्होंने कार्यालय में छात्राओं का अपमान किया, उन्हें जेल भेजने की धमकी दी। बच्चियों के साथ अधिकारी के दुर्व्यवहार का ये मामला कई दिनों तक मीडिया की सुर्खियों में रहा। जिसके बाद हाई कोर्ट ने इस मामले को जनहित याचिका के रूप में लिया।

( 2 ) 9 सितम्बर 2024 को बिलासपुर में पचपेड़ी हायर सेकंडरी स्कूल और होस्टल की समस्याओं को लेकर छात्राओं ने मस्तूरी पचपेड़ी रोड पर चक्का जाम कर दिया। छात्रायें शिक्षक और अधीक्षक पर मनमानी का आरोप लगा रही थी। इस दौरान उनकी समस्या समझने पहुंची तहसीलदार माया अंचल लहरे ने छात्राओं को जेल भेजने की धमकी दे दी, साथ आये पुलिस आरक्षक ने भी तहसीलदार की हिमायत की। मामला मीडिया में आने के बाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा ने अफसरशाही को लेकर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में अफसरों को अपने बर्ताव में सुधार लाने कहा था। किंतु सुधार नहीं आ रहा है।

अब पंचायत सचिव ने किया ग्रामीण युवक से दुर्व्यहार

सुप बोले तो बोले अब चलनी भी बोलन लागी। गरियाबंद जिले के जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत आमदी ( म ) के पंचायत सचिव द्वारा गांव के ही एक युवक के साथ दुर्व्यवहार की घटना सामने आई है। युवक दिव्यांश पटेल ने मामले की शिकायत जनपद सीईओ से की है। दिव्यांश पटेल के अनुसार गांव में नाली निर्माण के संबंध जानकारी पूछने पर सचिव साहब भड़क गये। धमकी के साथ साथ चेतावनी देते हुये कहा कि कलेक्टर जिला सीईओ जिसके भी पास मेरी शिकायत करनी हो कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ने वाला और तुम ज्यादा बात करोगे तो शासकीय कार्य में बाधा उत्तपन्न करने के मामले में तुम्हारे खिलाफ एफआईआर करवा दूंगा।
सचिव की धमकी के बाद ग्रामीण युवक ने मामले की शिकायत जनपद सीईओ से कर दी है। दिव्यांश ने बताया कि गांव में दो चरणों में नाली निर्माण हुआ है जो आधा अधूरा है निर्माण की राशि निकाल ली गई है। अब इसकी जांच की मांग की जायेगी।

सरकारी कर्मचारी अगर करता है दुर्व्यवहार, क्या करें ?

यदि कोई सरकारी / सार्वजनिक कर्मचारी आपसे दुर्व्यवहार करता है तो आईपीसी की धारा 166 के अनुसार उस के विरुद्ध एफआईआर की जा सकती है। भारतीय दंड संहिता के 22 वें अध्याय में अपमान के अपराध के लिये कारावास की सजा या जुर्माना दोनों या जुर्माने का प्रावधान है।

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