रिपोर्टर:शशिकुमार(सनसनी)राजनांदगांव, छत्तीसगढ़
एंकर- राजनांदगांव जिले के ग्राम पंचायत खपरी खुर्द के आश्रित ग्राम चवेली के ग्रामीणों ने आज एबीस कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एसडीएम और कलेक्ट्रोरेट कार्यालय का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दस वर्षों से एबीस कंपनी द्वारा मुर्गी फार्म के अवशेष—मुख्यतः मुर्गी लीद—गाँव के पास खुले में डंप किए जा रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भयंकर दुर्गंध फैल रही है और पेयजल भी पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है।
वीओ 1-ग्रामीणों के अनुसार, बोरवेल का पानी बदबूदार हो गया है और तालाब के पानी से निस्तारी करने पर शरीर में खुजली की शिकायतें आ रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि मवेशी बीमार हो रहे हैं और संक्रामक रोग फैलने की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी इस संबंध में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई। इसी के चलते आज सैकड़ों ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे और धारा 152 नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत प्राथमिकता से कार्रवाई की मांग की।
बाइट 1 – भूपेंद्र निषाद, सरपंच खपरी
(स्थान खाली है – कृपया नेता या प्रमुख ग्रामीण प्रतिनिधि का नाम जोड़ें)
वीओ 2- एसडीएम कार्यालय के बाद कलेक्ट्रेट का घेराव,
एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के बाद ग्रामीणों ने एक हाइवा वाहन, जो मुर्गी खाद से भरा हुआ था, कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचा दिया। परिसर के बाहर पुलिस की भारी तैनाती रही। बावजूद इसके ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और जोरदार नारेबाज़ी की।
ग्राम सरपंच और प्रतिनिधिमंडल ने अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा से भेंट कर बताया कि:मुर्गी लीद से फैली बदबू के कारण ग्रामीणों को सांस लेने में परेशानी हो रही है,बोरवेल का पानी पीने योग्य नहीं है,तालाब के पानी से खुजली की शिकायतें सामने आ रही हैं
पहले भी खपरी गाँव में इसी कारण डायरिया फैल चुका है जिसमें एक युवक और 10 भैंसों की मौत हो चुकी है
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुर्गी लीद खाद को गाँव से हटाया नहीं गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे और इसके लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।
बाइट 2 – दुर्गा निषाद, ग्रामवासी:
“पानी पीने लायक नहीं बचा है, बच्चों को खुजली हो रही है। हम कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हम उग्र आंदोलन करेंगे।”
बाइट 3 – प्रेम प्रकाश शर्मा, अपर कलेक्टर:
“हमने ग्रामीणों की शिकायत गंभीरता से ली है। संबंधित विभाग को निर्देश दिया जा रहा है कि तुरंत जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।”
