राजनांदगांव से दीपक साहू की रिपोर्ट
राजनांदगांव : भारतीय रिजर्व बैंक के जारी नए निर्देशो जिसमें कर्ज वसूली एजेंट्स पर सख्त आरबीआईए अब ग्राहकों को परेशान नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश सदस्य परवेज अहमद पप्पू ने कहा कि कर्ज वसूली एजेंटो की प्रताड़ना अब नहीं चलेगी आरबीआई ने कर्जदारों को किसी भी तरह का अनुचित संदेश भेजने, धमकी भरा या अनजान नंबर से फोन करने से भी परहेज करने को कहा है कोविड के दौरान आय पर दबाव या नौकरी छूटने की वजह से कई लोग कर्ज की किस्त समय से चुकाने में असफल रहे थे जिसके बाद रिकवरी एजेंट ने पैसा वापस पाने के लिए दबाव बनाया। जिससे कई लोगों की स्थिति और गंभीर हो गई। इन सभी घटनाओं को देखते हुए रिजर्व बैंक ने रिकवरी एजेंटों को नियमों के अंदर बने रहने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। वहीं अब रिकवरी एजेंट सिर्फ दिन के समय लोन के लिए फोन कर सकते हैं।
श्री अहमद ने आरबीआई के जारी दिशा निर्देश के हवाले से आगे कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने बकाया कर्ज की वसूली करने वाले एजेंटों के लिए शुक्रवार को नए निर्देश जारी किए हैं जिसमे कहा गया है कि वे सुबह आठ बजे के पहले और शाम सात बजे के बाद कर्जदारों को कॉल भी नहीं कर सकते हैं। इस आशय की एक अधिसूचना भी जारी कि है।
बैंक, गैर बैंकिंग वित्त कंपनियां एनबीएफसी NBFC और संपत्ति पुनर्गठन कंपनियां एआरसी ARC यह सुनिश्चित करें कि कर्ज वसूली संबंधी उसके निर्देशों का ठीक से पालन किया जाए RBI आरबीआई ने कहा सलाह दी जाती है कि विनियमित इकाइयां सख्ती से यह सुनिश्चित करेंगी कि वे या उनके एजेंट बकाया कर्जों की वसूली के दौरान कर्जदारों को किसी भी तरह से प्रताड़ित या उकसाने से परहेज किया जा सके। जारी किए निर्देशो मे देर रात या सुबह कर्जदारों को कॉल कर्जदारों को किसी भी तरह का अनुचित संदेश भेजने, धमकी भरा या अनजान नंबर से फोन करने से भी बाज आने को कहा है।
आरबीआई समय.समय पर कर्ज वसूली से संबंधित मुद्दों पर दिशानिर्देश जारी भी करता रहता है। उसने पहले भी कहा था कि विनियमित इकाइयां कर्जदारों को परेशान या प्रताड़ित न करें। लेकिन हाल के समय में वसूली देखते हुए रिजर्व बैंक ने रिकवरी एजेंटों को नियमों के अंदर बने रहने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं जो स्वागत योग्य है श्री अहमद ने आरबीआई के जारी निर्देशो पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि अब कर्ज लिए लोगो के स्वाभिमान की रक्षा हो सकेगी।
