खैरागढ़ की बेटी प्रो. मांडवी सिंह बनीं फिर से भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की कुलपति
खैरागढ़(प्रदीप बोरकर)। लखनऊ स्थित भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह को राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने एक बार फिर तीन वर्ष की अवधि के लिए कुलपति नियुक्त किया है। इस संबंध में राजभवन की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
खास बात यह है कि प्रो. मांडवी सिंह मूल रूप से खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) की रहने वाली हैं और इससे पहले वे खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में भी कुलपति के पद पर रह चुकी हैं। उनकी इस पुनर्नियुक्ति को खैरागढ़ क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय माना जा रहा है।
पिछले कार्यकाल में शैक्षणिक गतिविधियों को मिली मजबूती
कथक, भरतनाट्यम, ध्रुपद, शास्त्रीय गायन, तालवाद्य सहित अन्य भारतीय कला-विधाओं से जुड़े कई शिक्षण व प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित हुए। साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, शोध को प्रोत्साहन देने और भारतीय कला-संस्कृति की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण पहल की गईं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम एवं शैक्षणिक गतिविधियों को विकसित करने तथा शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में भी उनके नेतृत्व में उल्लेखनीय काम हुआ।
कुलाधिपति के प्रति जताया आभार
पुनः कुलपति नियुक्त किए जाने पर प्रो. मांडवी सिंह ने कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दायित्व उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है, और आगामी कार्यकाल में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, भारतीय कला-संस्कृति तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल
प्रो. मांडवी सिंह की पुनर्नियुक्ति पर विश्वविद्यालय परिवार में खुशी की लहर है। कुलसचिव एस.पी. सिंह सहित सभी विभागाध्यक्षों, शिक्षकगण, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।