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खैरागढ़ – प्रधान पाठक राजेश प्रजापति को मिलेगा “डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी” स्मृति पुरस्कार

मरदकटेरा के प्रधान पाठक राजेश प्रजापति को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार मिलेगा, नवाचार से बदली सूरत दूसरी बार राज्य सम्मान

खैरागढ़ (प्रदीप बोरकर)। खैरागढ़ के मरद कटेरा प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक राजेश प्रजापति को इस साल भी राज्य शिक्षक सम्मान मैं डॉक्टर पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पढ़ाई को सिर्फ किताब-कॉपी तक सीमित न रखकर उसे खेल, गतिविधि और तकनीक से जोड़ने वाले शिक्षक राजेश कुमार प्रजापति ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। छुईखदान विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला मरदकठेरा के प्रधान पाठक राजेश प्रजापति का चयन डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया है।

खास बात यह है कि पिछले साल ही उन्हें राजभवन रायपुर में राज्य शिक्षक सम्मान मिल चुका है। अब उनके नवाचारी शिक्षण कार्य को एक बार फिर राज्य स्तर पर पहचान मिली है। राजेश प्रजापति के सम्मान की वजह सिर्फ उनका शिक्षक होना नहीं, बल्कि बच्चों को पढ़ाने का उनका अलग तरीका है। मरदकठेरा स्कूल में वे संस्कारयुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने, शिक्षण सहायक सामग्री के इस्तेमाल और नए-नए प्रयोगों पर जोर देते हैं। स्मार्ट कक्षा, सामान्य ज्ञान चर्चा, योग-व्यायाम और कामिशिबाई थिएटर जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चों के लिए पढ़ाई को रोचक बनाने का प्रयास किया जाता है।

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स्कूल में बच्चों को सिर्फ पढ़ाया ही नहीं जाता, बल्कि उन्हें करके सीखने और अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका भी दिया जाता है। कबाड़ से जुगाड़, शिक्षण सहायक सामग्री निर्माण, बस्तामुक्त कक्षा, क्रियात्मक शोधकार्य, रंगोली, चित्रकला, मूर्तिकला और बाल-संसद जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चों की रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने पर काम किया जाता है। स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरूकता और सीडबॉल निर्माण जैसी गतिविधियों से बच्चों को प्रकृति और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जोड़ा जाता है।

राजेश प्रजापति ने स्कूल और समुदाय के बीच की दूरी कम करने पर भी काम किया है। पालक संपर्क, सामुदायिक सहभागिता और PLC सदस्यों के साथ चर्चा के जरिए स्कूल की गतिविधियों में पालकों और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। बच्चों के कौशल विकास के लिए समर कैंप, ऑनलाइन कक्षाएं और सोशल मीडिया के शैक्षणिक उपयोग जैसे प्रयोग किए गए हैं। वहीं जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए भी बच्चों को मार्गदर्शन दिया जाता है।

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राजेश प्रजापति के शिक्षकीय सफर में सम्मान का सिलसिला नया नहीं है। 5 सितंबर 2025 को राजभवन रायपुर में उन्हें राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया था। इससे पहले वर्ष 2017 के मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षक सम्मान समारोह में उन्हें योजना के तहत शिक्षादूत सम्मान से अलंकृत किया गया था। लगातार मिल रहे ये सम्मान उनके शिक्षण कार्य और शिक्षा में किए जा रहे नवाचारों की पहचान माने जा सकते हैं।

अब डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार के लिए उनका चयन इस सफर में एक और बड़ी उपलब्धि है। एक ग्रामीण सरकारी स्कूल में बच्चों को बेहतर और संस्कारयुक्त शिक्षा देने के साथ पढ़ाई के नए तरीकों को अपनाने वाले राजेश प्रजापति को राज्य स्तर पर मिली यह पहचान खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के लिए भी गौरव की बात है।

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