पोड़ी बचरा: बांध और राधा कृष्ण मंदिर परिसर बना शराबियों का अड्डा, पुलिस की सुस्ती और पंचायत की अनदेखी से ग्रामीण परेशान
पोड़ी बचरा (कोरिया)।
ग्राम पंचायत पोड़ी बचरा में धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों की पवित्रता खतरे में है। स्थानीय सजग नागरिकों ने क्षेत्र में बढ़ रही असामाजिक गतिविधियों को लेकर स्थानीय पुलिस और पंचायत प्रशासन की उदासीनता पर चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की गश्त न होने और पंचायत की अनदेखी के कारण गांव का प्रसिद्ध बांध (जलाशय) और पवित्र राधा कृष्ण मंदिर परिसर इन दिनों शराबियों का अड्डा बनता जा रहा है।
ग्रुप बनाकर जमती है महफिल, सूचना के बाद भी ध्यान नहीं दे रहा पंचायत प्रशासन
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बांध और मंदिर के आसपास आए दिन असामाजिक तत्वों और शराबियों की टोलियां सरेआम जुटती हैं। शराब पीने के बाद खाली बोतलें, डिस्पोजल और कचरा वहीं फेंक दिया जाता है, जिससे कभी स्वच्छ दिखने वाले इस जलाशय परिसर की स्थिति आज बेहद दयनीय और बदहाल हो चुकी है।
इस विषय में पहले भी सोशल मीडिया/व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सरपंच, उपसरपंच और सभी पंच महोदयों को पूरी स्थिति की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई उपाय नहीं किए गए हैं, जिससे यह समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है।
“हमने पहले भी ग्रुप में इस बात की जानकारी दी थी कि यहाँ माहौल खराब हो रहा है। जनप्रतिनिधियों और पुलिस को इस पर ध्यान देना चाहिए ताकि हमारे धार्मिक और सार्वजनिक स्थल सुरक्षित रह सकें।”
— एक सजग ग्रामीण
धार्मिक भावनाओं को पहुंच रही ठेस
राधा कृष्ण मंदिर क्षेत्र के लोगों के लिए गहरी आस्था का केंद्र है, जहाँ सुबह-शाम लोग दर्शन और टहलने के लिए आते हैं। लेकिन शाम होते ही शराबियों के जमावड़े और उनके हुड़दंग के कारण अब वहां का माहौल असहज हो जाता है। पवित्र मंदिर परिसर के पास इस तरह के कृत्य से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और परिसर की गरिमा धूमिल हो रही है।
सरपंच, उपसरपंच और पंचों से त्वरित उपाय करने का विशेष अनुरोध
ग्रामीणों ने सोशल मीडिया के माध्यम से आदरणीय सरपंच, उपसरपंच एवं सभी पंच महोदयों से बेहद शालीनता और विनम्रतापूर्वक विशेष अनुरोध किया है कि वे इस संवेदनशील विषय को गंभीरता से लें और इसका कोई उचित उपाय निकालें। ग्रामीणों की मांग है कि:
- स्थानीय पुलिस से समन्वय बनाकर जलाशय और मंदिर परिसर में शाम के वक्त गश्त की व्यवस्था कराई जाए।
- सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीने वालों और माहौल खराब करने वालों पर रोक लगाई जाए।
- परिसर की स्वच्छता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पंचायत स्तर पर जरूरी कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार उनकी इस जायज मांग और विनम्र अनुरोध पर पंचायत प्रशासन और स्थानीय पुलिस त्वरित संज्ञान लेते हुए क्षेत्र को इस समस्या से मुक्ति दिलाएगी।