रायपुर/संतोष देवांगन : हजारों लोगों की जमीन और मकान ऑनलाइन रेवेन्यू रिकॉर्ड में नहीं दिखने से राजधानी के लोग काफी परेशान हैं। जिसके चलते वे अपने जमीन की रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे, वही ऑनलाइन रिकॉर्ड में तो राजधानी से लगा केंद्री गांव का रिकॉर्ड पूरी तरह गायब है। वही ऑनलाइन भुईया पोर्टल से सिर्फ रायपुर तहसील के 1500 से ज्यादा खसरे विलोपित हो गए हैं जिसके संबंध में पटवारियों ने एसडीएम को भी रिपोर्ट दे दी है।
आपको बता दें कि बीते एक माह से भुईया पोर्टल को अपडेट करने काम किया जा रहा है. इसके बाद भी कई दिक्कतें सामने आ रही है। वही खसरा नंबरों का डिजिटल सिग्नेचर करने के बाद सिग्नेचर हट जा रहा है वही इसका पीडीएफ भी नहीं बन रहा है। बताया जा रहा है की रजिस्ट्री करने के बाद नामांतरण के समय क्रेता-विक्रेता एवं प्रस्तावित भूमि स्वामी के नाम में अंतर आ रहा है वही भूईया साफ्टवेयर में जब भी नया वर्जन एनआईसी द्वारा शुरू किया जाता है तब बहुत से खातों में विसंगतियां उत्पन्न हो जाती है जो इन विसंगतियों का पटवारी आईडी में सुधार का विकल्प नहीं है।
वही रायपुर एसडीएम देवेंद्र पटेल ने बताया कि, सभी तहसीलों से 400 विलोपित खसरों की अभी तक सूची मिली है. इनके सुधार की प्रक्रिया की जा रही है. जल्द ही सुधार कर दिया जाएगा।
वही, इस मामले में नवा रायपुर के रजिस्ट्रार संजय श्रीवास्तव ने बताया कि, कई गांवों का रिकॉर्ड अभी ऑनलाइन अपलोड नहीं हुआ है. अभी NGDRS में रिकॉर्ड अपलोड करने का काम चल रहा है. 10-15 दिनों में रिकॉर्ड अपलोड हो जाएगा. इसके बाद ही किसी भी जमीन की रजिस्ट्री हो जाएगा. नए सिस्टम में रिकॉर्ड अपलोड नहीं होने से 40 गांवों के लोग परेशान हैं।
