जगदलपुर(मनोज ठाकुर)। सामाजिक मुद्दों, जनहित की समस्याओं और जनभावनाओं से जुड़े विषयों को लेकर सक्रिय ओबीसी महासभा बस्तर संभाग ने जगदलपुर के मीना बाजार में जलपरी के नाम पर संचालित कथित आपत्तिजनक प्रदर्शन को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। महासभा के संभाग अध्यक्ष दिनेश यदु ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित आयोजकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
दिनेश यदु ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और परंपराओं का प्रतीक है। ऐसे में सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों में सामाजिक मर्यादा, जनभावनाओं और निर्धारित नियमों का ध्यान रखा जाना चाहिए। मीना बाजार में महिलाएं, बच्चे और परिवार के लोग भी पहुंचते हैं। इसलिए जलपरी के प्रदर्शन को लेकर सामने आई शिकायतों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ओबीसी महासभा केवल सामाजिक मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनहित की समस्याओं और समाज से जुड़े विषयों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना भी अपनी जिम्मेदारी मानती है। जनभावनाओं से जुड़े मामलों में तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन स्वस्थ मनोरंजन के विरोध में नहीं है, लेकिन किसी प्रदर्शन को लेकर आपत्ति सामने आने पर उसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
जिलाध्यक्ष रघुवंश यादव ने भी उठाई कार्रवाई की मांग
ओबीसी महासभा जिला बस्तर के अध्यक्ष रघुवंश यादव ने भी मीना बाजार में जलपरी के नाम पर कथित आपत्तिजनक प्रदर्शन और उससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने की शिकायतों की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक आयोजनों में निर्धारित नियमों और अनुमति की शर्तों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
महासभा ने शासन-प्रशासन से भविष्य में मेला और मीना बाजार की अनुमति देने से पहले प्रस्तावित गतिविधियों की समीक्षा करने तथा आयोजन के दौरान निगरानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
दिनेश यदु ने कहा कि सामाजिक सरोकारों, जनहित और जनभावनाओं से जुड़े विषयों पर संगठन आगे भी अपनी बात जिम्मेदारी के साथ रखता रहेगा। महासभा की मांग है कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान और सार्वजनिक स्थलों की गरिमा को ध्यान में रखते हुए शिकायत पर निष्पक्ष जांच की जाए और तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाए।
