नई दिल्ली : देशभर के हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब टोल प्लाजा पर किसी को रुकने की जरूरत नहीं होगी, न ही फास्टैग स्कैनिंग के झंझट झेलने पड़ेंगे। केंद्र सरकार जल्द ही टोल वसूली का एक सैटेलाइट आधारित अत्याधुनिक सिस्टम लागू करने जा रही है, जिससे आपकी गाड़ी जितना चलेगी, उतना ही टोल अपने आप कट जाएगा।
नई प्रणाली पूरी तरह GPS और नंबर प्लेट पहचान तकनीक पर आधारित होगी। जैसे ही वाहन हाईवे पर चलेगा, उसकी दूरी ट्रैक की जाएगी और उसी के आधार पर टोल अपने-आप ही काट जायेगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल (Digital) होगी और किसी तरह की मैन्युअल एंट्री या रोकटोक नहीं होगी।
सिर्फ 3000 रुपये में ‘एनुअल टोल पास’
एनुअल पास से मिलेगी बड़ी छूट नई नीति के तहत एक ‘एनुअल टोल पास’ का भी प्रावधान होगा, जिसे सिर्फ 3000 रुपये में लिया जा सकेगा। इस पास के जरिए पूरे साल देशभर की सड़कों पर बिना किसी रुकावट के यात्रा किया जा सकता है। यानी न रुकना, न समय की बर्बादी और न हर बार टोल चुकाने की झंझट।
सरकार एक और बड़े बदलाव पर विचार कर रही है –
एक ऐसा लाइफटाइम टोल पास, जो करीब 30,000 रुपये में मिलेगा और लगभग 15 वर्षों तक टोल फ्री यात्रा की सुविधा देगा। हालांकि, इस योजना पर अंतिम निर्णय फिलहाल लंबित है।
समय और ईंधन दोनों की होगी बचत टोल प्लाजा पर लगने वाला समय, गाड़ियों की धीमी रफ्तार और बार-बार ब्रेकिंग से ईंधन की खपत बढ़ती थी। लेकिन नई प्रणाली के तहत न केवल सफर तेज होगा बल्कि फ्यूल की बचत भी होगी। यही नहीं, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगा।
सरकार का क्या है कहना?
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में 1 कार्यक्रम में संकेत दिया कि, यह नई नीति जल्द ही लागू होने जा रही है। उनका मानना है कि, इस बदलाव से देश में रोड ट्रैवल की परिभाषा ही बदल जाएगी।
