Site icon Chhattisgarh 24 News : Daily Hindi News, Chhattisgarh & India News

भाजपा को बड़ा झटका.. मोहन मरकाम और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नंद कुमार साय को दिलाई कांग्रेस की सदस्यता

रायपुर : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज आदिवासी नेता नंद कुमार साय ने मजदूर दिवस के दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बाय-बाय कहते हुए कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया। पार्टी बदलने के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए नंद कुमार साय ने कहा कि अब भाजपा अटल बिहारी बाजपेयी के दौर की पार्टी नहीं रही। छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में एक समारोह में नंद कुमार साय ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।



कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नंद कुमार साय को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी में आदिवासी नेता नंद कुमार साय के आने से कांग्रेस पार्टी के नेता गदगद हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नंद कुमार साय को आदिवासियों और गरीबों के लिए संघर्ष करने वाला नेता बताया। वहीं नंद कुमार साय ने कहा कि यह निर्णय उनके लिए जीवन का बहुत कठिन निर्णय है, जनसंघ के समय से वे और उनका परिवार भाजपा में रहा है।



अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे लोगों के साथ उन्होंने काम किया है और अटल जी को फॉलो करते रहे हैं। नंदकुमार साय 3 बार विधायक, 3 बार लोकसभा सदस्य और 2 बार राज्यसभा सदस्य रहे हैं, साथ ही में अविभाजित मध्यप्रदेश की भाजपा इकाई के अध्यक्ष भी रहे हैं। नंद कुमार साय ने कहा अटल-आडवाणी के दौर में जो भाजपा थी आज उस रूप में पार्टी नहीं है परिस्थितियां बदल चुकी हैं।



मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि हम कहते थे देश से हमारा नाता है गाय हमारी माता है, मगर भूपेश बघेल ने इसे एक नया रूप दिया। नरवा, गरवा, घुरवा बारी योजना जनता के लिए कारगर साबित हुई है। यह भी अच्छा लगता है कि भूपेश बघेल सरकार ने राम गमन पथ को बनाया है। वर्तमान में राज्य में कांग्रेस की सरकार अच्छा काम कर रही है, वाकई में दल का महžव नहीं है। आम जनता के लिए काम करना है मिलकर काम करेंगे तो छत्तीसगढ़ अच्छा होगा। ज्ञात हो कि नंदकुमार साय ने रविवार को इस्तीफा दे दिया था उसके बाद से उन्हें मनाने की प्रयास लगातार पार्टी की ओर से किए जा रहे थे। कई भाजपा के बड़े नेता उनके आवास पर भी गए मगर उनसे बातचीत नहीं हुई।

Exit mobile version