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BRICS से पहले मोदी की कूटनीति तेज, पुतिन-पेजेशकियन और गुतरस से मुलाकात

BRICS से पहले मोदी की कूटनीति तेज, पुतिन-पेजेशकियन और गुतरस से मुलाकात

नई दिल्ली। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतरस के साथ अलग-अलग मुलाकातें कीं। इन बैठकों में भारत के द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।

पुतिन के साथ व्यापक मुद्दों पर बातचीत
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। राजनीति, व्यापार एवं अर्थव्यवस्था, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कुशल पेशेवरों के लिए अवसर और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषय बातचीत के प्रमुख हिस्से रहे।

बैठक में पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्षों सहित कई अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के उस रुख को दोहराया कि विवादों और संघर्षों का समाधान बातचीत तथा कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए। दोनों नेताओं ने भारत-रूस की विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को आगे मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया। इस दौरान मोदी ने पुतिन को प्राचीन तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी भाषा में प्रकाशित अनुवाद भी भेंट किया। यह संस्करण सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ क्लासिकल तमिल द्वारा प्रकाशित किया गया है।

ईरानी राष्ट्रपति से पश्चिम एशिया पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ भी बैठक की। बातचीत में भारत-ईरान संबंधों और पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए संवाद एवं कूटनीतिक प्रयास जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आवागमन और वाणिज्य की स्वतंत्रता बनाए रखने के साथ समुद्री मार्गों पर नाविकों की सुरक्षा एवं उनके कल्याण के महत्व को भी रेखांकित किया।

मोदी ने BRICS से जुड़ी गतिविधियों में ईरान की निरंतर उच्चस्तरीय भागीदारी के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि BRICS वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग, नवाचार, स्थिरता और आपसी क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

गुतरस से बहुपक्षीय सहयोग पर मंथन
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतरस के साथ मुलाकात में भी प्रधानमंत्री मोदी ने कई वैश्विक विषयों पर विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं के बीच दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे संघर्षों, आवागमन की स्वतंत्रता, सतत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, वैश्विक खाद्य सुरक्षा और मानव-केंद्रित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

बैठक में मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। गुतरस ने भारत द्वारा चौथी बार BRICS की अध्यक्षता किए जाने पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी। BRICS शिखर सम्मेलन से पहले हुई इन बैठकों को भारत की सक्रिय कूटनीतिक भागीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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