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महिला सशक्तिकरण को लेकर मेडिकल कॉलेज की पहल. मौत के मुंह से जीवन बचाने के तरीके..

योग निंद्रा से स्वस्थ जीवन..प्रदेश में रजत महोत्सव को लेकर सेवा पखवाड़ा चल रहा है।
ऐसे में शासकीय मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव की भूमिका महिला सशक्तिकरण को लेकर शासकीय संस्थाओं में पहुंचकर सड़क हादसे के शिकार,अपने आसपास मूर्छित होकर गिर पड़े व्यक्ति को कैसे मौत के मुंह से निकाल सकते है
।मेडिकल कॉलेज की टीम इन संस्थाओं में पहुंचकर कैसे प्राथमिक उपचार दे, के गुर सिखा रहे है।
वैसे तो मेडिकल कॉलेज में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों को अध्यापन का कार्य यहां के डॉक्टर बखूबी निभा रहे है, लेकिन आम इंसान को भी मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं से परे हटकर स्वास्थ्य को लेकर कैसे प्राथमिकी उपचार दे शासकीय संस्थाओं में पहुंचकर जानकारी दे रहे है।


मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.पी.एम.लुका के दिशानिर्देश पर
मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के अधीक्षक डॉ.अतुल मनोहर राव देशकर के मार्गदर्शन पर हॉस्पिटल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.प्रकाश खूंटे अपनी टीम के साथ लगातार शासकीय संस्थाओं में पहुंचकर प्राथमिकी उपचार की जानकारी दे रहे है, डॉ.प्रकाश खूंटे वैसे तो शहर और जिले वासियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।


डॉ.खूंटे और उनकी टीम ने शासकीय दिग्विजय कॉलेज, कमला कॉलेज और अब शासकीय नर्सिंग कॉलेज के बच्चों को कैसे दिल का दौरा, सांस लेने में कठिनाई या वायुमार्ग में रुकावट आने पर कैसे उपचार करे के तरीके बता रहे है।
कार्डियोपल्मोइरी रिससिटेशन (सीपीआर)ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिबरिलेटर (एई डी)का उपयोग और वायुमार्ग प्रबंधन जैसी तकनीकी शामिल है।

छाती संपीडन… हृदय को पंप करने के लिए छाती में मध्य भाग पर दबाव डालना जो रक्त संचार को बढ़ाए रखने में मदद करता है।
बचाव श्वास..यदि आवश्यक हो तो व्यक्ति को कृत्रिम रूप से सांस देना।

वहीं शासकीय नर्सिंग कॉलेज में मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ.अतुल मनोहर राव देशकर ने नर्सिंग छात्राओं को योग निंद्रा के विषय में जानकारी दी।
योग निंद्रा जिसका अर्थ (योगी नींद) है।
यह अनिंद्रा इंसान के जीवन में तनाव,चिंता और मानसिक थकावट से राहत दिलाने में सहायक होती है।
बेहतर नींद,मानसिक स्पष्टता व शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है।
आयोजन में नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल ममता नायक, स्टाफ व 250 छात्राओं के अलावा मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल की स्टाफ नर्सेस भी मौजूद थी।

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