गरियाबंद/देवभोग : जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा देवभोग से संबंध समितियां निष्टिगुड़ा,देवभोग,झाखरपारा,लाटापारा,घुमरगुड़ा,झिरीपानी,रोहनागुड़ा,दिवानमुड़ा,गोहरापदर,खोखसरा के सभी समितियों द्वारा धान उपार्जन का कार्य किया जा रहा है। बफर लिमिट से दोगुना धान पड़ा हुआ है जिसे रखने तक को जगह नहीं है। समितियों में उपार्जित धान का परिवहन नहीं होने के कारण धान में सूखती से समितियों को आर्थिक हानि तथा धान खरीदी हेतु स्थान अभाव के कारण आगामी दिनों में धान खरीदी का कार्य कर पाना समिति के लिए असंभव प्रतीत हो रहा है। अब समस्त समिति द्वारा दिनांक 12.12.2022 से धान उपार्जन का कार्य बंद करने का निर्णय लिया गया है।
शाखा देवभोग के सम्बद्ध उपरोक्त समस्त समितियों का टी. ओ./डी. ओ. जारी कर धान का शीघ्र परिवहन कराने के लिए एसडीएम व बीएम के नाम सोंपा गया है ज्ञापन। उपार्जन केंद्रो से धान का समय अवधि पर उठाव नहीं हो पाना समितियों के लिए बड़ी परेशानी बनती दिख रही है। ज्ञापन मे समस्त समितियों के प्रबंधक द्वारा निर्णय लिया गया कि यदि धान का उठाव नही होता है तो दिनांक 12.12.2022 को धान खरीदी पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा ।
मीडिया द्वारा प्रबन्धकों से बात करने पर उनके द्वारा कहा गया कि यदि हमारी मांग पूरी नही होती,जिसके कारण धान खरीदी बंद होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी,धान खरीदी बंद होने से किसानों को होगी परिशानि। कई किसान ऐसे हैं जो समय अवधि पर धान विक्रय नही कर पाते तो बढ़ सकती है, मुश्किलें हाल हो सकती है,बेहाल ग्रेडिंग प्रक्रिया में धान हो सकती रिजेक्ट गरीब किसान हो सकती धान बेचने से बंचित। बार बार आवेदन गुहार लागाने के वावजूद प्रशासन गहरी नींद में पड़ी हुई है,जिसका खामियाजा समिति व किसान भुगत रहे हैं कब खुलेगी नींद कब होगा समस्या का समाधान उठाव करने की झमता नही व्यवस्थित व्यवस्था नही तो रिकबीर का बोज कियों डाला जाता है,समिति प्रबन्धकों के ऊपर।
