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*जादुई जीत या सोची समझी रणनीति? – अशोक फडनवीस

*➡️ कहा – NDA की लहर समझ से परे*

*राजनांदगांव।*

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक फड़नवीस ने बिहार सहित देशभर में 2023 के बाद हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा NDA की लगातार बढ़ती जीत पर सवाल उठाते हुए कहा है कि विपक्ष जहां जनता की बुनियादी ज़रूरतों की बात करता है वहीं NDA बिना एंटी-इन्कम्बेंसी के असर में आए लगातार रिकॉर्ड सीटें कैसे जीत लेता है? उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को चुनावी रणनीति के केंद्र में रखने को लेकर गहरी चिंता और संदेह जताया है।
श्री फड़नवीस ने आगे कहा है कि 2023 के बाद से भाजपा और उसके सहयोगी दलों की चुनावी सफलताएँ सामान्य नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 20–25 साल के लंबे शासन के बाद भी एंटी-इंकम्बेंसी को दरकिनार कर NDA पहले से भी ज़्यादा सीटें कैसे जीत लेता है? श्री फड़नवीस ने आरोप लगाया कि महिलाओं को केंद्र में रखकर एक सुनियोजित चुनावी नैरेटिव बनाया जा रहा है जिससे चुनावी परिणामों पर गहरा असर पड़ रहा है। उनके अनुसार महिलाओं को लुभाने के नाम पर विभिन्न योजनाएँ लाभ और प्रचार रणनीतियाँ चलाकर भाजपा NDA एक मजबूत वोट बैंक तैयार कर चुका है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को रुझाना अब केवल एक चुनावी प्रक्रिया नहीं बल्कि एक बड़े पैमाने पर तैयार की गई रणनीति है।जिसके पीछे कई तंत्र सक्रिय दिखते हैं। यही वजह है कि भाजपा और उसके साथी दल जिस भी राज्य में चुनाव लड़ रहे हैंनबड़ी जीत दर्ज कर रहे हैं। श्री फड़नवीस ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष लगातार महंगाई बेरोज़गारी और स्वास्थ्य शिक्षा जैसी बुनियादी आवश्यकताओं की बात करता है लेकिन उसके बावजूद उन्हें पिछली बार से भी कम सीटें मिल रही हैं। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि इतनी जुमलेबाज़ी के बाद भी जनता सब कुछ स्वीकार कर रही है यह समझ से परे है। विपक्ष को नए सिरे से मंथन करने की सख्त जरूरत है। यदि विपक्ष ने अपनी रणनीति में बड़े बदलाव नहीं किए तो आगामी चुनावों में भी हालात उनके पक्ष में जाने की संभावना कम ही दिखती है।

राजनांदगांव से दीपक साहू की रिपोर्ट

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