स्थानीय भाषा से बच्चों की समझ होगी आसान, मधोता में छह दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण शुरू
बस्तर(मनोज ठाकुर)। बच्चों को उनकी मातृभाषा और स्थानीय परिवेश से जोड़कर शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से हाई स्कूल मधोता में सोमवार को छह दिवसीय बहुभाषी शिक्षा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। Language and Learning Foundation (LLF), FLN नींव एवं बहुभाषी शिक्षा के अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण में जोन के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण के पहले दिन शिक्षकों को नवीन पाठ्यक्रम आधारित शिक्षण पद्धतियों के साथ स्थानीय भाषा के माध्यम से बच्चों से प्रभावी संवाद स्थापित करने के तरीके बताए गए। प्रशिक्षण में इस बात पर जोर दिया गया कि बच्चों की मातृभाषा और स्थानीय भाषा को कक्षा-कक्ष की शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ने से विषयों को समझना उनके लिए अधिक सहज और रुचिकर हो सकता है।
गतिविधियों से कराया कक्षा संचालन का अभ्यास
प्रशिक्षण में शिक्षकों को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से कक्षा संचालन की व्यवहारिक तकनीकों का अभ्यास कराया गया। शिक्षकों ने स्वयं गतिविधियों में भाग लेकर बच्चों की सहभागिता बढ़ाने, उन्हें सीखने की प्रक्रिया से सक्रिय रूप से जोड़ने और कक्षा को आनंददायक बनाने के तरीकों को समझा।
इसके साथ ही बच्चों की सीखने की जरूरतों को पहचानने, स्थानीय परिवेश को शिक्षण से जोड़ने और गतिविधि आधारित शिक्षण को कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा हुई। छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बहुभाषी शिक्षण, FLN तथा बाल-केंद्रित गतिविधियों से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण में नोडल हेम प्रकाश मरकाम, एलएलएफ बस्तर कोऑर्डिनेटर, मास्टर ट्रेनर राजेंद्र सिंह, संकुल प्राचार्य श्यामलाल नेताम, संकुल समन्वयक कृष्णा सिंह ठाकुर, हरदेव बघेल सहित जोन अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
