कोण्डागांव : छत्तीसगढ आज दिनांक 26/06/22 को बाबा साहेब सेवा संस्था कोण्डागांव ने छत्रपति साहू जी महाराज का जन्मदिन मनाया गया एवं बाबासाहेब सेवा संस्थान के सदस्यो द्वारा उनके छत्रपति शाहूजी की छाया चित्र पर पुष्पांजलि कर दीप प्रज्वलित कर मुख्य अतिथि जगदीश महेशकर , विशेष अतिथि पंचू सागर , तिलक पांडे ने उनकी जीवनी प्रकाश डाला।इस कार्यक्रम मे संस्था के संरक्षक पंचुराम सागर छत्तीसगढ शिल्पकार ,तिलक पाण्डेय अधिवक्ता, जगदीश महेशकर , पी पी गोडाने ,रमेश पोयाम सचिव, पुष्कर मंडावी,विरेन्द्र टण्डन, ललित कोर्राम, ओमप्रकाश नाग मुकेश मारकंडेय उपस्थित थे।
इतिहास
राजश्री छहापात शाहूजी महाराज 26 मई1874 – छत्रपति शाहूजी महाराज का जन्म कुर्मी समाज के परिवार में जन्म 26 जून 1874 को कोल्हापूर ( महाराष्ट्र ) रियासत में हुआ । पिता अप्पासाहेब घाटगे , माता राधाबाई , शाहूजी का बचपन का नाम यशवंत राव था ।
साहू जी महाराज ने अपने समाजो को उठाने के लिए एक योजना बनाई इस राज्य में 1902 में 50% अपने लोगों को उक्त पदों पर नियुक्तिकी।
लोकमान्य तिलक ने अपने केसरी पत्रिका में इस योजना का विरोध किया राज्य की कल्याणकारी योजनाओं को देखकर महारानी विक्टोरिया ने अपने जन्मदिन पर इंग्लैंड में आमंत्रित किया और उन्हें महाराज का 21 मार्च 1920 को महाराज उपाधि दी। कोल्हापुर रियासत के मान गांव में अंबेडकर की अध्यक्षता में अछूतों का एक आम सभा हुई जिसमें साहूजी महाराज ने भाषण में कहा आज आपको डॉ अंबेडकर के रूप में रक्षक नेता मिला है मुझे पूर्ण विश्वास है।
अंबेडकर आपका अछूतपन की बेड़ियां तोड़ देगी महाराज की भविष्यवाणी सही साबित हुई।महाराज ने कहा था कि जब तक जातिवाद है तब तक देश विकास नहीं कर सकता 6 मई 1922 को आरक्षण का जनक छत्रपति शाहूजी महाराज इस दुनिया से छोड़ कर चले गए।
मूल निवासियों का स्वतंत्र साहू जी महाराज ने संघर्ष किया इतिहास में अमर रहेगे। साहू जी महाराज अपने सत्ता में होने के कारण बहुजन समाज को उनका अधिकार दिलाया।
“छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़” के लिए कोंडागांव से प्रोनित दत्ता की रिपोर्ट
