* सिद्धेश्वर धाम में जगन्नाथ महाप्रभु की प्राण प्रतिष्ठा, सुकमा राजपरिवार के कुमार जयदेव बाबा और कुमार विजित देव ने मां दंतेश्वरी के किए दर्शन…
इस ऐतिहासिक आयोजन में जिले भर से आए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा क्षेत्र जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह शक्तिपीठ मां दंतेश्वरी मंदिर में विशेष पूजा अर्चना और दर्शन के साथ हुआ। परंपरा के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर के प्रधान पुजारी हरेन्द्र नाथ जिया के साथ सुकमा राजपरिवार के कुमार जयदेव बाबा को सत्तारूढ़ किया गया।
इस दौरान कुमार जयदेव बाबा और कुमार विजित देव ने मां दंतेश्वरी का दर्शन कर विधिवत पूजा अर्चना की और समूचे बस्तर की सुख समृद्धि व खुशहाली की कामना की।
इसके बाद बाजे गाजे, शंख ध्वनि और भक्ति गीतों के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सुकमा राजपरिवार के कुमार जयदेव बाबा, कुमार विजित देव के साथ मां दंतेश्वरी मंदिर जगदलपुर के पुजारी प्रेम कृष्ण पाढ़ी, मावली माता मंदिर के पुजारी अनिल ठाकुर शामिल हुए।
शोभायात्रा में शामिल प्रमुख समाज प्रतिनिधि:
यह शोभायात्रा मां दंतेश्वरी मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य मार्ग स्टेट बैंक चौक से गुजरते हुए पातररास स्थित सिद्धेश्वर धाम पहुंची। वहां आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई।
इस पावन अवसर पर दंतेवाड़ा के विधायक चैतराम अटामी और जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने मंदिर में पहुंचकर प्रभु जगन्नाथ के दर्शन किए, पूजा अर्चना की और क्षेत्र की उन्नति की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर दर्शन लाभ लिया और प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
मंदिर का निर्माण कराने वाले मिश्रा परिवार के सदस्य सत्यनारायण मिश्रा ने बताया कि उनका परिवार पिछले सात पीढ़ियों से पातररास में निवास कर रहा है। उनके पिता स्वर्गीय सिद्धेश्वर मिश्रा की अंतिम इच्छा थी कि गांव में भगवान जगन्नाथ का भव्य मंदिर बने।
पिता की इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उनके छह पुत्रों ने आपसी सहयोग से सिद्धेश्वर धाम प्रभु जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कराया है। उन्होंने बताया कि मंदिर में स्थापित तीनों विग्रह विशेष रूप से ओडिशा के पवित्र धाम जगन्नाथ पुरी से लाए गए हैं। प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पूरे क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का माहौल है।