चाँद बेशक दूर हो ग़ालिब , रोशनी इर्द गिर्द बिखरी हुई है।
कहाँ जाते हो गंगा गोदावरी , पैरी नदी भरी हुई है।
गरियाबंद। बुधवार जिले के माईनिंग अफसरों ने देवभोग पहुंच झंडा गाड़ दिया। बताया जा रहा है कि खनिज अधिकारी फागुलाल नागेश व खनिज निरीक्षक सुभाष चंद्र साहू की टीम ने देवभोग क्षेत्र की कुम्हडाई व दबनाई घाट से रेत का अवैध खनन परिवहन करते 5 ट्रेक्टरों पर कार्यवाही की है। इसके अतिरिक्त गौण खनिज अधिनियम के तहत एक हाईवा पर भी कार्यवाही की गई।
जिला खनिज अधिकारी के अनुसार उनके द्वारा रेत के अवैध उत्खनन परिवहन पर लगातार कार्यवाही की जा रही है और ये कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी। किन्तु खनिज विभाग की इस कार्यवाही पर ही सवाल उठ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से जिला अंतर्गत अवैध रूप से संचालित रेत खदान माफियाओं से विभागीय अधिकारियों की सांठ गांठ चर्चा का विषय रही है।
देवभोग क्षेत्र में की गई कार्यवाही को केवल खाना पूर्ति बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जिन लोगों ने रायल्टी के नाम पर अवैध रंगदारी वसूली का विरोध किया था , ऐसे ही कुछ स्थानीय परिवहन कर्ताओं पर कार्यवाही की गई।
दूसरी तरफ ये भी चर्चा है कि जिला मुख्यालय से 130 किलोमीटर दूर जाकर अवैध रेत परिवहन पर कार्यवाही के पहले , जिला मुख्यालय के नजदीक ही झाँक लिया जाता। देवभोग की मिठाई ही मीठी हो ऐसा जरूरी नहीं है , कभी मालगांव की बालूशाही भी खाकर देख लेते।
सरकारी नियमों का हवाला देते अक्सर कुछ सरकारी अधिकारी समानता की बात करते हैं , किन्तु जब अमल की बात आती है तब कथित न्याय का पलड़ा दूध भात वालों की ओर झुक जाता है।
