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*छत्तीसगढ़ प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के साथ हो रहा अन्याय: जिला पंचायत अध्यक्ष पदों में आरक्षण शून्य*

*“छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग की उपेक्षा: जिला पंचायत अध्यक्ष आरक्षण में शून्य भागीदारी”*

*“पिछड़ा वर्ग को राजनीतिक अधिकारों से वंचित करने की साजिश: विष्णु लोधी”*

*“50% आबादी, फिर भी 0 आरक्षण: पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय”*

*“पंचायत आरक्षण नीति में सुधार की जरूरत: विष्णु लोधी की मांग”*

*“पिछड़ा वर्ग के हक की अनदेखी: आरक्षण सूची पर उठे सवाल”*

*“छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग को उनका अधिकार कब मिलेगा?”*

*“पिछड़ा वर्ग की आवाज दबाने का प्रयास: विष्णु लोधी”*

*“जिला पंचायत अध्यक्ष पदों में आरक्षण व्यवस्था में असंतुलन”- विष्णु लोधी*

*“लोकतंत्र में पिछड़ा वर्ग की भागीदारी का सवाल”*

*“आरक्षण में अन्यायपूर्ण नीतियों के खिलाफ पिछड़ा वर्ग की आवाज”*

राजनांदगांव।

छत्तीसगढ़ प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए घोषित आरक्षण सूची में पिछड़ा वर्ग के लिए एक भी सीट आरक्षित नहीं की गई है। इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ लोधी समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विष्णु लोधी ने कहा, “यह पिछड़ा वर्ग के संवैधानिक अधिकारों और उनकी लोकतांत्रिक भागीदारी पर सीधा प्रहार है। जब प्रदेश की 50% से अधिक आबादी पिछड़ा वर्ग से संबंधित है, तो उनका जिला पंचायत अध्यक्ष पदों में प्रतिनिधित्व शून्य रखना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि समाज में असमानता और असंतोष को बढ़ावा देने वाला है।”

उन्होंने आगे कहा, “पिछड़ा वर्ग समाज की रीढ़ है। उनका विकास और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है। यह आरक्षण व्यवस्था केवल पिछड़ा वर्ग की अनदेखी नहीं है, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक विकास को बाधित करने का प्रयास है। हम सरकार से अपील करते हैं कि इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए और पिछड़ा वर्ग को उनकी जनसंख्या और योगदान के आधार पर आरक्षण प्रदान किया जाए।”

विष्णु लोधी ने स्पष्ट किया कि यदि इस अन्यायपूर्ण निर्णय पर सरकार ने तुरंत सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो पिछड़ा वर्ग अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने के लिए बाध्य होगा।

राजनांदगांव से दीपक साहू

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