● प्रदेश अध्यक्ष सहित 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का आश्वासन मुख्यमंत्री जी ने मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में दिया था। किंतु आज की बैठक में इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के बैनर तले कार्यरत 16,500 कर्मचारियों ने हाल ही में 33 दिन तक हड़ताल की थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के हस्तक्षेप के बाद आंदोलन स्थगित हुआ था।
कर्मचारियों की 10 मांगों में से 4 पर तत्काल आदेश जारी हुए थे, जबकि ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति एवं स्थानांतरण नीति पर 3 माह की समयसीमा तय की गई थी। हड़ताल स्थगन के दौरान मुख्यमंत्री जी ने प्रतिनिधिमंडल से भेंट कर हड़ताल अवधि का वेतन देने एवं 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का आश्वासन दिया था।
त्योहारों में बोनस दूसरों को, वेतन कटौती NHM कर्मचारियों की
जहाँ अन्य कर्मचारियों को बोनस दिया जा रहा है, वहीं एनएचएम कर्मचारियों के 33 दिन का वेतन काटने का आदेश उनकी त्योहारी खुशियों को फीका कर गया है।
हड़ताल स्थगन के 10 दिन बाद भी 6 मांगों पर आदेश जारी न होना कर्मचारियों में गहरा असंतोष पैदा कर रहा है। यह पहला अवसर है जब:
मांगों को सरकार ने मान लिया,
आंदोलन को संवैधानिक करार दिया गया,
सत्तारूढ़ दल के सांसद–विधायकों ने समर्थन किया,
फिर भी कर्मचारियों के हड़ताल अवधि का वेतन काटा जा रहा है। इसे कर्मचारी प्रशासनिक तानाशाही करार दे रहे हैं।
प्रमुख मांगें जिन पर हुआ था 33 दिन का आंदोलन
1. संविलियन एवं स्थायीकरण,2. ग्रेड पे या वेतनमान निर्धारण,3. पब्लिक हेल्थ अकादमी एवं पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना,4. कार्यमूल्यांकन (सीआर) व्यवस्था में पारदर्शिता,5. लंबित 27% वेतन वृद्धि प्रदानz करना,6. नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण,7. अनुकंपा नियुक्ति,8. मेडिकल एवं अन्य अवकाश सुविधा,
9. स्थानांतरण नीति,10. न्यूनतम 10 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा बीमा
संघ की अपील _त्योहारों के समय जहाँ पूरा प्रदेश उत्सव मना रहा है, वहीं 16,500 एनएचएम कर्मचारी अपने परिवार का खर्च चलाने तक के लिए परेशान हैं। सरकार को चाहिए कि इन परिवारों को भी खुशियाँ मनाने का अवसर मिले।
अपेक्षाएँ। _25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का आदेश जारी किया जाए।
33 दिन की हड़ताल अवधि को शून्य घोषित कर उस अवधि का वेतन दिया जाए।
शेष मांगों पर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित हो।
अब त्योहार के इस सीजन में देखना यह है कि क्या सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के सुशासन के वादे को पूरा करती है या कर्मचारी फिर मायूस लौटते हैं।
घोषित 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि का आदेश का भी पता नहीं,
संघ पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी एवं प्रदेश प्रवक्ता पूरन दास ने कहा _
एनएचएम कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर 18 अगस्त से हड़ताल पर थे। स्वास्थ्य मंत्री एवं मुख्यमंत्री जी से चर्चा के बाद आंदोलन स्थगित किया गया। चर्चा में जिलों में की गई कार्रवाई शून्य करने तथा 25 पदाधिकारियों की बहाली का आश्वासन मिला था। लेकिन आज की कैबिनेट बैठक में 25 बर्खास्त एनएचएम कर्मचारियों की बहाली एवं 10 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है।”
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ