शशिकांत सनसनी
सूत्रों के अनुसार, राजस्व निरीक्षण कार्यालय एवं पटवारी कक्ष, अभनपुर के सरकारी भवन में पटवारी ने प्राइवेट दस्तावेज लेखकों के बैठने की व्यवस्था कर रखी है। यह पूरी व्यवस्था बिना किसी अनुमति और नियमों के विरुद्ध चल रही थी।
इसी के साथ, पटवारी योगेश देवांगन ने निजी कंप्यूटर ऑपरेटर भी अपने काम के लिए नियुक्त कर रखा है, जिसके माध्यम से आम जनता से रुपए लेन-देन कराने जैसी गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।
जब इन शिकायतों की पुष्टि के लिए पत्रकार पटवारी भवन पहुंचे, तो पत्रकारों को देखते ही पटवारी वहां से “काम का हवाला देकर” निकल गए। इस व्यवहार ने संदेह और गहरा कर दिया।
मामले की जानकारी जब तहसीलदार श्रीमती सीता शुक्ला को दी गई, तो उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है और इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह है कि वर्षों से चल रही इस मनमानी पर प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।