गरियाबंद। किसानों के हितों की सुरक्षा तथा खाद-बीज की कालाबाजारी और अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिये गरियाबंद पुलिस द्वारा चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना देवभोग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुये 126 क्विंटल डीएपी (DAP) खाद से भरे एक वाहन को जब्त किया है। मामले में कुल ₹8.78 लाख मूल्य की संपत्ति जप्त की गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार थाना देवभोग को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम तेतलखुटी क्षेत्र में एक मेंटाडोर आईसर वाहन क्रमांक CG 07 CK 3719 के माध्यम से बड़ी मात्रा में डीएपी खाद का अवैध परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोककर जांच की।
जांच के दौरान वाहन से डीएपी खाद की 280 बोरियां बरामद की गईं। प्रत्येक बोरी में लगभग 45 किलोग्राम खाद भरी हुई थी। इस प्रकार कुल 12,600 किलोग्राम (126 क्विंटल) डीएपी खाद जब्त की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹3.78 लाख आंकी गई है।
वाहन चालक युधिष्ठिर दनता (42 वर्ष), पिता भोटराम दनता, निवासी ग्राम इन्दागांव, थाना इन्दागांव, जिला गरियाबंद से खाद परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह कोई संतोषजनक दस्तावेज नहीं दिखा सका। प्रथम दृष्टया मामला अवैध परिवहन का पाए जाने पर पुलिस ने खाद एवं वाहन को विधिवत जब्त कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी।
पुलिस के अनुसार जब्त मेंटाडोर आईसर वाहन की अनुमानित कीमत ₹5 लाख है। खाद और वाहन सहित कुल ₹8.78 लाख मूल्य की संपत्ति जप्त की गई है।
मामले की सूचना संबंधित कृषि विभाग को भेज दी गई है। पुलिस अब खाद के स्रोत, उसके गंतव्य तथा अवैध परिवहन में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। जांच में दोषी पाये जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के हितों की रक्षा के लिये कार्रवाई जारी
गरियाबंद पुलिस ने कहा है कि किसानों के हितों के संरक्षण तथा खाद-बीज जैसी आवश्यक कृषि सामग्री की कालाबाजारी रोकने के लिये विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी अवैध भंडारण, कालाबाजारी और अवैध परिवहन के मामलों में इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस की अपील –
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं खाद, बीज अथवा अन्य कृषि सामग्री के अवैध भंडारण, कालाबाजारी या अवैध परिवहन की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना या संबंधित विभाग को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जायेगी।
