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करगा की निदाई से हो परेशान, तो अपनाए फुलपेज तकनीक का धान


राजनांदगांव। सवाना सीड्स प्रा. लि. और परयान एलायंस प्रा. लि. के संयुक्त तत्वधान में ग्राम अछोली में किसान संगोष्ठी, फसल प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि भोलाराम साहू (विधायक, खुज्जी), रविन्द्र वैष्णव (जिला पंचायत अध्यक्ष), भारत भूषण (सरपंच) एवं तकनीकी जानकारी के लिए कंपनी के कर्मचारी डॉ. विकास सिंह, दुर्गेश चंद्राकर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आसपास के गांव से लगभग 150 से अधिक किसान सम्मिलित हुए और फुलपेज तकनीकी वाले धान के खेत का भ्रमण किया एवं फुलपेज से संबंधित जानकारी प्राप्त।


किसानों ने धान की खेती में होने वाली समस्याओं से सभी को अवगत कराया जिसमें मुख्य रुप से करगा एवं खरपतवार नियंत्रण, मजदूरों की समस्या एवं बढ़ती मजदूरी दर, पानी की बढ़ती समस्या, भूजल स्तर का लगातार गिरना सम्मिलित है। दुर्गेश चंद्राकर, (TSM, सवाना सीड्स प्रा. लि.) ने बताया कि इन सभी समस्याओं का समाधान फुलपेज तकनीकी में मिलता है यह तकनीकी सीधी बिजाई को बनाती है और भी आसान, मिलता है बेहतर अंकुरण एवं स्वस्थ फसल साथ ही प्रभावी खरपतवार एवं जंगली धान पर नियंत्रण। फुलपेज तकनीकी में किसानो की रोपाई में लगने वाले मजदूरों से मिला छुटकारा, नर्सरी प्रबंधन, खेत मचाई का खर्च बचा और खरपतवार, करगा से मिली मुक्ति।


उन्नत कृषक एकांत चंद्राकर में अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि फुलपेज धान की बुवाई सीडड्रिल से की जिसमें 10.5 कि.ग्रा. बीज प्रति एकड़ साथ ही बुवाई के समय 1 बोरी डीएपी का प्रयोग किया एवं वजीर नामक नींदानाशक का दो बार छिड़काव किया। जिसका पहला छिड़काव बुआई (धान जगने) के 10-12 दिन में एवं दूसरा छिड़काव 25-30 दिन पर किया है। वजीर नींदानाशक के दोनों छिड़काव होने के बाद खेत से लगभग सभी प्रकार के खरपतवार, करगा, पुराना धान एवं अन्य वन पूर्णता नियंत्रित हो जाते है। फुलपेज तकनीक किसानों के लिए करगा मुक्त के साथ-साथ लेबर मुक्त, कर्जा मुक्त और टेंशन मुक्त भी है। इस तकनीक में किसानों को रोपाई और निंदाई में लगने वाले खर्च का सामना नहीं करना पड़ेगा। फुलपेज धान की वर्तमान स्तिथि देखकर कार्यक्रम में उपस्थित किसानों में अत्यंत हर्ष एवं उत्साह व्याप्त है।

सभी किसान खेती की उन्नत तकनीकी का उपयोग कर अपना उत्पादन बढाए एवं अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करें। – भोलाराम साहू (विधायक, खुज्जी)*

फुलपेज एक नई तकनीकी है जो धान उत्पादकों के लिए बहुत ही लाभकारी है, इस तकनीकी के आने से धान की सीधी बुवाई हुई और भी आसान, कम लागत में अधिक उत्पादन साथ ही खरपतवार, करगा एवं मजदूरों से मिला छुटकारा। – डॉ विकास सिंह (मार्केट डेवलमेंट मैनेजर, परयान एलायंस प्रा. लि.)

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