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मोदी जी और योगी जी हैं तो सनातन और हम सब सुरक्षित है – वीणा सिंह

रिपोर्ट – अनमोल कुमार छत्तीसगढ़

राष्ट्र, सनातन धर्म, गौ माता एवं साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर अंतर्राष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच के मुखिया स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्मगिरि महाराज देश-विदेश में जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार व्यक्तियों से निरंतर संवाद कर रहे हैं। इसी क्रम में स्वामी जी दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुंचे।
इस दौरान स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्मगिरि महाराज के साथ अन्नदाता एवं पर्यावरण मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष व उद्योगपति राजकुमार शर्मा, राष्ट्रभक्त सेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष सेवानिवृत्त कमांडेंट बी.एल. पुरोहित, तथा अंतर्राष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री व व्यवसायी अकलेश जैन ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्वामी जी का पुष्पगुच्छ व शाल भेंट कर स्वागत किया। लगभग 15 मिनट की चर्चा के दौरान स्वामी जी एवं मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ आदिशक्तियों की भूमि है, जहां के कण-कण में शक्ति का वास है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस प्रकार उत्तराखंड को “देवभूमि” कहा जाता है, उसी प्रकार छत्तीसगढ़ को “आदि शक्ति भूमि” का नाम दिया जाना चाहिए।
स्वामी जी ने विधानसभा में प्रस्ताव लाकर छत्तीसगढ़ को “आदि शक्ति भूमि” घोषित करने की मांग की, जिससे राज्य को वैश्विक स्तर पर धार्मिक पहचान मिले और देश-विदेश से श्रद्धालु एवं पर्यटक बड़ी संख्या में आएं। साथ ही उन्होंने साधु-संतों के आश्रम एवं गौशालाओं के लिए भूमि आबंटन की भी मांग रखी।
डॉ. रमन सिंह से भेंट के पश्चात स्वामी जी एवं पदाधिकारियों ने उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मीणा सिंह (वीणा सिंह) से लगभग एक घंटे तक चर्चा की। चर्चा के दौरान राष्ट्र, सनातन, गौ माता और साधु-संतों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत संवाद हुआ।
इस अवसर पर श्रीमती वीणा सिंह ने कई बार कहा,
“मोदी जी और योगी जी हैं तो हमारा राष्ट्र, हमारा सनातन और हम सभी सुरक्षित हैं। आज इनके नेतृत्व में हर सनातनी गर्व के साथ सिर उठाकर चल रहा है। हम सभी को एकजुट होकर इनके साथ खड़ा रहना चाहिए।”
छत्तीसगढ़ को “आदि शक्ति भूमि” नाम देने के सुझाव पर श्रीमती वीणा सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक सराहनीय विचार है और वह इस विषय को डॉ. रमन सिंह के समक्ष अवश्य रखेंगी।
चर्चा के दौरान एक भावनात्मक क्षण भी आया जब स्वामी जी ने परंपरा अनुसार श्रीमती वीणा सिंह को “माता जी” कहकर संबोधित किया, जिस पर उन्होंने स्नेहपूर्वक कहा कि आप मुझे बड़ी बहन कहिए। इस पर स्वामी जी ने उन्हें अपनी बड़ी बहन स्वीकार करते हुए “बहन जी” कहकर संबोधित करने की घोषणा की।
बैठक के दौरान सनातन धर्म, राष्ट्र सेवा, गौ माता एवं साधु-संतों के संरक्षण जैसे विषयों पर स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्मगिरि महाराज और श्रीमती वीणा सिंह के बीच विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।

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