*➡️ भोले की भक्ति में डूबी संस्कारधानी, धूमधाम से निकली महाकाल यात्रा…
* भक्ति और उत्साह का संगम: महाकाल यात्रा में उमड़ा जनसैलाब…
* शिव-पार्वती विवाह झांकी ने बांधा समां, शहर बना शिवधाम…
* उज्जैन की तर्ज पर राजनांदगांव में सजे महाकाल के दरबार…

यात्रा की शुरुआत गुरुनानक चौक से हुई और यह शहर के विभिन्न मोहल्लों से होते हुए जयस्तंभ चौक में संपन्न हुई।
ढोल-नगाड़ों, डीजे और धुमाल की गूंज के बीच निकली इस यात्रा में भूत, पिशाच और अघोरी स्वरूप धारण किए कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुति दी। भक्तजन भी भक्ति गीतों की धुन पर नृत्य करते नजर आए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा और शहर शिवमय हो उठा।
शाम 7 बजे मानव मंदिर चौक में भव्य मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भगवान शिव-पार्वती विवाह की झांकी प्रस्तुत की गई। हरियाणा की प्रीमियम आर्ट टीम ने भी अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया।
उन्होंने कहा कि महाकाल की कृपा से वे कई बार संकटों से उबर पाए हैं। उनका उद्देश्य है कि उज्जैन की तर्ज पर राजनांदगांव में भी महाकाल यात्रा को भव्य स्वरूप दिया जाए। महाकाल यात्रा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि राजनांदगांव में सभी धर्मों और परंपराओं के प्रति समान सम्मान और सहभागिता की भावना आज भी जीवंत है।
