बैकुंठपुर: न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भव्य आयोजन, नर्सिंग छात्राओं ने लिया निरोग रहने का संकल्प
स्वयं और समाज के लिए योग’ थीम पर सामूहिक योगाभ्यास; संस्थान के संचालक डॉ. प्रिंस जायसवाल ने कहा- चिकित्सा और नर्सिंग सेवा में तनाव प्रबंधन के लिए योग है संजीवनी बूटी
बैकुंठपुर।
जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के प्रतिष्ठित चिकित्सा शिक्षण संस्थान ‘न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग’ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत उत्साह, उमंग और गरिमामयी माहौल में मनाया गया। इस विशेष अवसर पर संस्थान के विशाल परिसर में एक वृहद योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें नर्सिंग की सैकड़ों छात्राओं, प्राध्यापकों, क्लीनिकल ट्यूटर्स और प्रशासनिक अमले ने एक साथ मिलकर सामूहिक योगाभ्यास किया। इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित वैश्विक थीम ‘स्वयं और समाज के लिए योग’ (Yoga for Self and Society) को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भावी स्वास्थ्य रक्षकों (नर्सिंग स्टाफ) को योग के वैज्ञानिक व आध्यात्मिक महत्व से परिचित कराना रहा।
दीप प्रज्वलन से हुआ गरिमामयी शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ संस्थान के संचालक डॉ. प्रिंस जायसवाल, प्राचार्य और आमंत्रित योग विशेषज्ञों द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ किया गया। इसके पश्चात संस्थान की वरिष्ठ छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए चिकित्सा विशेषज्ञों और संस्थान के मार्गदर्शकों ने कहा कि नर्सिंग का क्षेत्र पूरी तरह से मानव सेवा, समर्पण और अद्वितीय धैर्य का क्षेत्र है।
नर्सिंग प्रोफेशनल्स के लिए योग एक संजीवनी बूटी: डॉ. प्रिंस जायसवाल
कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं और स्टाफ का मार्गदर्शन करते हुए न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के संचालक डॉ. प्रिंस जायसवाल ने योग के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा:
”चिकित्सा और नर्सिंग सेवा का क्षेत्र बेहद जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से भरा होता है। अस्पतालों में ड्यूटी के दौरान नर्सिंग स्टाफ को अत्यधिक मानसिक और शारीरिक श्रम से गुजरना पड़ता है, जिससे तनाव होना स्वाभाविक है। ऐसे में खुद को ऊर्जावान, सकारात्मक और मानसिक रूप से संतुलित बनाए रखने के लिए योग एक संजीवनी बूटी की तरह काम करता है। एक स्वस्थ नर्सिंग ऑफिसर ही मरीजों की बेहतर और आत्मीयता के साथ देखभाल कर सकता है। इसलिए हमारी संस्था न केवल उत्कृष्ट शिक्षा, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण स्वास्थ्य और बेहतर जीवनशैली के लिए भी प्रतिबद्ध है।”
योग प्रशिक्षकों की देखरेख में हुआ सघन अभ्यास
शिविर के मुख्य चरण में आमंत्रित अनुभवी योग आचार्यों और प्रशिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन में क्रमबद्ध योगाभ्यास सत्र शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और शिथिलीकरण (वार्म-अप) की क्रियाओं से की गई। इसके बाद छात्राओं को खड़े होकर किए जाने वाले आसन जैसे ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन और बैठकर किए जाने वाले आसनों में वज्रासन, शशांकासन व भुजंगासन का सघन अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षकों ने प्रत्येक आसन का प्रदर्शन करते हुए उसके शारीरिक लाभों और रीढ़ की हड्डी, मांसपेशियों व पाचन तंत्र पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की वैज्ञानिक व्याख्या की।
प्राणायाम और ध्यान से सीखी एकाग्रता की कला
शारीरिक आसनों के उपरांत छात्राओं को मानसिक शांति और श्वसन तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्राणायामों का अभ्यास कराया गया। इसमें मुख्य रूप से कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और उद्गीथ प्राणायाम शामिल रहे। कार्यक्रम के अंतिम चरण में विलासिता और मानसिक भटकाव से दूर रहने के लिए ध्यान (Meditation) का सत्र आयोजित किया गया, जिससे पूरा परिसर शांत और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
समाज में योग के विस्तार का लिया संकल्प
संस्थान के संचालक डॉ. प्रिंस जायसवाल के प्रेरणादायी विचारों से सीख लेते हुए उपस्थित समस्त स्टाफ और छात्राओं ने यह संकल्प लिया कि वे योग को केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि इसे अपनी दैनिक जीवन शैली का हिस्सा बनाएंगे। साथ ही, अपने सेवाकाल के दौरान चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक निरोग रहने के लिए योग का संदेश पहुंचाएंगे।
इस पूरे वृहद और सफल आयोजन में न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग बैकुंठपुर के समस्त प्राध्यापकों, ट्यूटर्स, प्रबंधकीय कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं का अनुकरणीय व सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को संस्थान की ओर से स्वास्थ्यवर्धक अंकुरित अनाज, जूस और फलों का वितरण किया गया।
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