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गरियाबंद बिना रजिस्ट्रेशन और अनुमति के संचालित डामर प्लांट से लोगों की स्वास्थ्य को खतरा

 

✍️छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ जिला संवाददाता विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

गरियाबंद पिछले कई वर्षों से शासन प्रशासन के आंख में धूल झोंक कर बिना रजिस्ट्रेशन और बिना अनुमति लिए डोहेल अमलीपदर ढोरा इलाके में डामर प्लांट लगाकर संचालक लाखों रुपए कमा रहे हैं तो दूसरी ओर हजारों लोगों के स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर देखने को मिल रहा है बावजूद इसके अब तक बिना अनुमति बाले डामर प्लांट पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाया है इससे शासन प्रशासन को भी लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है क्योंकि नियमों अनुसार डामर प्लांट संचालित करने के लिए पर्यावरण विभाग के मापदंड पर खरा उतरते हुए संबंधित विभाग को शुल्क देने के पश्चात ही अनुमति लिया जाता है उसके बाद डामर प्लांट लगाने का प्रावधान है लेकिन प्लांट संचालको ने बिना नियम कानून का पालन किए बेधड़क डामर प्लांट लगाया जा रहा है इस डामर प्लांट में कमाई देख अब कई कारोबारी भी जगह जगह डामर प्लांट धड़ल्ले से संचालित कर रहे हैं जिनके सामने अधिकारी भी नतमस्तक दिखाई पड़ रहे हैं रह जाता है कि रोजाना क्विंटल क्विंटल डामर इलाके के 5 डामर प्लांट से निकाले जाते हैं इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिना सुरक्षा की प्लांट से निकलने वाले धुंआ का आम लोगों पर कितना बुरा असर पड़ता होगा मुडागांव से ढोरा, डोहेल से उरमाल एवं बजाडी से तेतलखुटी मार्ग पर खुले आसमान डामर प्लांट संचालित है जबकि इस प्लांट के आजू-बाजू कई गांव के हजारों लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे प्लांट अक्सर वीरान जगह पर लगाया जाता है ताकि निवासरत लोगों के सेहत और वायु प्रदूषण पर प्रभाव ना पड़े लेकिन डामर प्लांट संचालक अपनी कमाई के लिए हजारों लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने मैं उतारू हो गए हैं सबसे खास बात तो यह है कि संबंधित विभाग के अधिकारी डामर प्लांट मैं झांकने तक नहीं आते कि किस तरह डामर प्लांट संचालित है कितना नियमों का पालन हो रहा है एवं ग्रामीण इससे किस हद तक प्रभावित है जबकि ऐसे बिंदुओं को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित अधिकारियों को डामर प्लांट पर नजर बनाने की सख्त दरकार बताई जाती है मगर अफसोस की बात है नहीं नादर महीना बीत रहा है लेकिन संबंधित विभाग के अफसर प्लांट को देखने की जहमत नहीं उठाते यही वजह है कि महीनों से डामर प्लांट में मापदंड को दरकिनार कर प्लांट संचालक बेधड़क डामर का कारोबार फैला रहे हैं सूत्रों की माने तो इन प्लांट से डामर बनाकर उड़ीसा भी सप्लाई किया जाता है और अच्छी खासी रकम भी निकाल लेते हैं

प्रेस वार्तालाप पर टीआर देवांगन एसडीएम देवभोग छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ संवाददाता को बताया डामर प्लांट को लेकर जांच किया जाएगा और इन लीगल तरीके से अगर संचालित है तो कार्यवाही होगी

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