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चार वर्ष पुराने हत्याकांड का पर्दाफाश , दो आरोपी गिरफ्तार : मृतक के पिता की लगातार गुहार से खात्मा प्रकरण की पुनः हुयी जांच

गरियाबंद। वर्ष 2020 में एक युवक की हत्या की गुत्थी सुलझाने में,साथ ही आरोपियों को गिरफ्तार करने में देवभोग पुलिस को सफलता प्राप्त हुई है। मामला जिले के देवभोग थाने का है।

इस हत्याकांड का दिलचस्प पहलू यह है कि सबूतों के अभाव में वर्ष 2021 में पुलिस के द्वारा, इस प्रकरण का खात्मा कर दिया गया था, किन्तु पिता फूलचंद रजक लगातार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक अपनी गुहार लगाते रहे। फूलचंद को अहसास था कि उसके पुत्र झजकेतन की मृत्यु किसी दुर्घटना की वजह नही हुई,बल्कि उसकी हत्या की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार जून 2020 में देवभोग थाना क्षेत्र के ग्राम दहीगांव निवासी हेमसिंग पिता मानेश्वर रजक द्वारा थाने में उपस्थित आकर सूचना दी गई कि उसका चचेरा भाई झजकेतन अत्यधिक सल्फी सेवन कर नशे में मिडिल स्कूल की ओर से घर आ रहा था कि नशे में संतुलन खोकर पुलिया केपास गिरकर बेहोश हो गया, जिसे ईलाज के लिये धरमगढ़ शासकीय अस्पताल ले जाने पर मृत बताया गया।
हेमसिंग की सूचना पर देवभोग पुलिस द्वारा थाने में मर्ग कायम कर विवेचना में लिया गया। सीएचसी देवभोग की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में झजकेतन को आई चोट होमोसाइडल होना पाया गया। घटना के करीब तीन माह बाद पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर सितम्बर 2020 में देवभोग थाने में अपराध क्रमांक 147 / 20 धारा 302 भा.द.वि. पंजीबद्ध कर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध जांच प्रारम्भ की गई। तत्समय ही पुलिस के द्वारा घटना दिनांक को पुलिया के पास बैठे मृतक के साथियों से पूछताछ करने पर, झगड़ा लड़ाई मारपीट करने एवं मृतक को आई चोट के सम्बंध में पुख्ता सबूत नहीं मिले, जिसके बाद 2021में प्रकरण का खात्मा कर दिया गया। किन्तु पिता फूलचंद रजक ने हार नहीं मानी। घटना के बाद से वो लगातार जांच की मांग कर रहे थे।

फिर शुरू की गई जांच 

इसी जुलाई माह की 22 तारीख को फूलचंद एक बार फिर पुलिस अधीक्षक गरियाबंद के समक्ष फरियाद लेकर उपस्थित हुये। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये पुलिस कप्तान अमित तुकाराम कांम्बले के निर्देश साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र चंद्राकार एवं एसडीओपी बाजीलाल सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गौतम गावड़े द्वारा केश डायरी के अवलोकन के बाद, घटना स्थल का निरीक्षण एवं सूक्ष्म जांच की गई।
घटना दिनांक एवं समय पर उपस्थित घनश्याम उर्फ कमलेश नागेश, खेमानिधि प्रधान, हेमंत प्रधान, दिलीप प्रधान का माननीय न्यायालय के समक्ष कथन कराया गया, इन चारों व्यक्तियों से थाने में भी पूछताछ की गई, जिससे ये बात सामने आई कि घटना दिनांक की शाम देवीसिंग प्रधान एवं मृतक के बीच गांव में दारू बेचने की बात पर विवाद हुआ था जो लड़ाई झगड़े में बदल गया, झगड़े के दौरान देवीसिंग द्वारा सड़क किनारे के पत्थर से झजकेतन के सिर पर प्रहार किया गया था जिससे सिर के अंदर अंदरूनी चोट आई और ईलाज के दौरान झझकेतन की मृत्यु हो गई।

ऐसे पकड़ में आया आरोपी और साथ में मृतक का चचेरा भाई भी 
प्रकरण के संदेही देवीसिंग प्रधान को पुलिस के द्वारा दहीगांव स्थित उसके घर से घेराबन्दी कर पकड़ा गया। थाने में की गई पूछताछ में आरोपी ने अपराध घटित करना स्वीकार किया गया। आरोपी देवीसिंग को धारा 302 भा.द.वि.के तहत एवं हेमसिंग रजक को प्रकरण में साक्ष्य छुपाने के आरोप में धारा 201,34 भा. द.वि. के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए भेजा गया।
वर्षों पुराने इस हत्याकांड की कार्यवाही में देवभोग थाना प्रभारी निरीक्षक गौतम गावड़े, उप निरीक्षक अजय सिंह, विजय मिश्रा ललित साहू तुलाराम साहू इंद्रकुमार यादव की सराहनीय भूमिका रही है।

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