कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में मनाया गया प्रक्षेत्र दिवस…
किसानों को सफरी-17 धान की उत्परिवर्तित किस्म विक्रम-टीसीआर के उन्नत गुणों के बारे में बताया गया
उन्होंने वैज्ञानिकों से उन्नत फसल उत्पादन हेतु विस्तृत चर्चा करते हुए किसानों से सीधे संवाद कर विक्रम- टीसीआर किस्म एवं अन्य फसलों को बीज उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत लगाने हेतु प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित आसपास के उन्नत प्रगतिशील किसानों के मध्य भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मुंबई एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के सहयोग से विकसित धान की उत्परिवर्तित किस्म विक्रम-टीसीआर का व्यापक प्रसार किया गया।
कार्यक्रम में भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मुंबई (बायोसाइंस ग्रुप) के निदेशक डॉ. पीए हसन, एनए-बीटीडी के विभागाध्यक्ष डॉ. एडी बलाल एवं सीआइएस, एनए-बीटीडी से प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. बीके दास उपस्थित रहे। साथ ही इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर से प्रमुख वैज्ञानिक के तौर पर प्रोफेसर डॉ. दीपक शर्मा एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. परमेश्वर साहू उपस्थित हुए एवं सभी वैज्ञानिकों ने सफरी-17 धान की उत्परिवर्तित किस्म विक्रम-टीसीआर के उन्नत गुणों के बारे में न केवल किसानों को बताया।
उन्होंने किसानों की धान फसल की उत्तम पैदावार और गुणवत्ता को बनाए रखने संबंधी चर्चा कर विक्रम- टीसीआर की उन्नत काश्त तकनीकी के फोल्डर भी किसानों को वितरित किया। कार्यक्रम में केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा ने किसानों को धान की इस उन्नत किस्म को अपनाकर अधिक लाभ कमाने की सलाह दी।