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KYC के बाद भी हजारों APL – BPL परिवार राशन से वंचित, क्या है सर्वर का चक्कर?

* छत्तीसगढ़ राशन कार्ड संकट: मे KYC के बाद भी हजारों APL और। BPL परिवारों का राशन बंद, क्या है ‘सर्वर’ का चक्कर?...
*  KYC पूरा, फिर भी हजारों APL-BPL परिवारों का राशन बंद, ‘सर्वर’ बना वजह?…

रायपुर (संतोष देवांगन) : छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में राशन कार्डधारकों के लिए दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 का महीना भारी परेशानियों भरा रहा। राज्यभर से ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि हजारों एपीएल (APL) और बीपीएल (BPL) परिवारों को ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद सरकारी राशन नहीं मिल पा रहा है। हालात यह हैं कि लोग उचित मूल्य की दुकानों से खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।

लगभग हर जिले और वार्ड से मिल रही शिकायतों के अनुसार, जब पात्र हितग्राही राशन लेने दुकानों पर पहुंच रहे हैं, तो उन्हें बताया जा रहा है कि उनके राशन कार्ड की आपूर्ति खाद्य विभाग द्वारा बंद कर दी गई है। यह स्थिति तब है, जब अधिकांश कार्डधारकों ने समय रहते अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली थी।

‘सर्वर’ की गड़बड़ी या सिस्टम की नाकामी?
राशन न मिलने से परेशान लोग जब खाद्य विभाग के दफ्तरों में शिकायत दर्ज कराने पहुंच रहे हैं, तो अधिकारियों की ओर से तकनीकी खराबी का हवाला दिया जा रहा है। विभाग का कहना है कि मुख्य सर्वर में आई दिक्कत के कारण राशन वितरण प्रभावित हुआ है।

हितग्राहियों का सवाल:
हालांकि, हितग्राहियों का सवाल है कि जब केवाईसी KYC अपडेट हो चुकी है, तो सर्वर की तकनीकी समस्या का खामियाजा आम जनता क्यों भुगते?

मध्यमवर्ग की जेब पर भारी पड़ रही राशनबंदी
एपीएल कार्डधारकों को सरकार की ओर से 10 रुपये प्रति किलो की दर से चावल उपलब्ध कराया जाता है। प्रति सदस्य 10 किलो चावल मिलने से मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलती थी।
अब राशन बंद होने के कारण इन परिवारों को खुले बाजार से महंगे दामों पर चावल खरीदना पड़ रहा है, जिससे उनका मासिक बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।

प्रशासन की चुप्पी, बढ़ती नाराजगी: 
इस पूरे मामले में स्थानीय खाद्य विभाग की ओर से अब तक राशन बहाली को लेकर कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। हितग्राही सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें यह तक नहीं बताया जा रहा कि राशन वितरण दोबारा कब शुरू होगा। वहीं राशन संकट को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और शासन-प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की जा रही है।

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