कर्तव्यनिष्ठा, सहयोग और विनम्रता का उजला प्रतिमान- इंजी.दुष्यंत मालाकार…
कोरबा(रमाकांत श्रीवास): समाज में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने व्यवहार, कार्य-नीति और विनम्र आचरण से न केवल अपने क्षेत्र में पहचान बनाते हैं, बल्कि आसपास के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं। दुष्यंत मालाकार ऐसा ही एक नाम है—एक ऐसा व्यक्तित्व जो अपने कर्तव्यबोध, सहयोगी स्वभाव और सौम्य व्यवहार के कारण सभी के लिए प्रेरणा-स्रोत है।
आपको बता दें कि दुष्यंत मालाकार पेशे से इंजीनियर हैं, परंतु उनका परिचय केवल पद या पेशे तक सीमित नहीं है। उनके व्यक्तित्व की वास्तविक पहचान उनके कार्यों में निहित है। कार्यस्थल पर उनकी प्रतिबद्धता और समयबद्धता उन्हें एक अनुकरणीय उदाहरण बनाती है। तकनीकी कार्यों के प्रति उनकी सजगता और दक्षता सिद्ध करती है कि वे सिर्फ समाधान देने वाले इंजीनियर नहीं, बल्कि समस्याओं को समझकर प्रभावी दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक भी हैं।
उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनका सहयोगी स्वभाव है। किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में वे शांत मन, संतुलित विचार और पूर्ण निष्ठा के साथ आगे आते हैं। यही गुण उन्हें साथियों का प्रिय और वरिष्ठों का विश्वसनीय बनाते हैं। टीम-वर्क और समन्वय जैसे मूल्यों को वे केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अपने दैनिक आचरण में जीते हुए दिखाते हैं।
उनके व्यक्तित्व में एक विशेष शुचिता और गंभीरता परिलक्षित होती है, जो उन्हें समाज में सम्मानित बनाती है। वे न केवल अपने कार्य से, बल्कि अपने आचरण से भी विश्वास अर्जित करते हैं। उनकी सोच में स्पष्टता और व्यवहार में संतुलन है। यही गुण उन्हें एक प्रेरक और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर व्यक्तित्व बनाते हैं।
समाज और संगठन दोनों को ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता होती है, जो कार्य को धर्म समझकर निभाएँ और व्यक्ति से पहले कर्तव्य को वरीयता दें। दुष्यंत मालाकार इसी श्रेणी के उन चुनिंदा लोगों में शामिल हैं, जो अपने चरित्र, कर्म और विचारों से एक उजली मिसाल स्थापित करते है।