गरियाबंद। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ गरियाबंद पुलिस को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। थाना राजिम में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में प्रभावी पैरवी और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायालय (एनडीपीएस) ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुये 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने तीनों दोषियों पर 2-2 लाख रुपये, कुल 6 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जानकारी के अनुसार, थाना राजिम के अपराध क्रमांक 186/2025 में सुनवाई करते हुये माननीय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) श्री शैलेश शर्मा ने फैसला सुनाया। प्रकरण में राज्य की ओर से लोक अभियोजक स्वाति शर्मा ने प्रभावी पैरवी की, जबकि पुलिस द्वारा प्रस्तुत मजबूत वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों को न्यायालय ने महत्वपूर्ण माना।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में थाना राजिम पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर अवैध मादक पदार्थ (गांजा) की बड़ी खेप के साथ तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत विवेचना की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आवश्यक वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाकर समय-सीमा के भीतर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई।
दोषी आरोपी –
ओमप्रकाश बंजारे (30 वर्ष), पिता स्व. हरिराम बंजारे, निवासी ग्राम चीचा, थाना मंदिर हसौद, पंकज डहरिया (23 वर्ष), पिता स्व. खुमान सिंह डहरिया, निवासी ग्राम चीचा,थाना मंदिर हसौद, इजराइल खान (18 वर्ष), पिता सहादत खान, निवासी अभनपुर, थाना अभनपुर।
गरियाबंद पुलिस ने न्यायालय के इस फैसले को नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान की सफलता बताया है।
