संतोष देवांगन, पाटन : दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला चंगोरी के प्रधानपाठक वीरेंद्र कुमार साहू के शैक्षणिक नवाचार को राज्य स्तर पर पहचान मिली है। स्कूल शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़, रायपुर द्वारा प्रकाशित नवंबर 2026 के चर्चा पत्र के एजेंडा क्रमांक 04 में उनके नवाचार ‘पालक सहभागिता एवं घर पर सीखने की निरंतरता’ को स्थान दिया गया है। इसे चंगोरी विद्यालय और क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
यह नवाचार इस सोच पर आधारित है कि बच्चों की शिक्षा केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि परिवार और घर का वातावरण भी उनकी सीखने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बने। इसके तहत बच्चों की पढ़ाई में पालकों की सक्रिय भागीदारी, घर पर नियमित अभ्यास, बच्चों के साथ संवाद और दैनिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने की निरंतरता बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
इस पहल का उद्देश्य विद्यालय और घर के बीच मजबूत शैक्षणिक संबंध स्थापित करना है, ताकि बच्चे कक्षा में सीखी गई बातों का घर पर भी अभ्यास कर सकें। शिक्षक और पालक मिलकर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, आनंददायी और उपयोगी बनाने में सहभागी बनें।
स्कूल शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ द्वारा प्रकाशित चर्चा पत्र में प्रदेश के शिक्षकों के नवाचारों, अनुभवों और शैक्षणिक प्रयासों को साझा किया जाता है। इसका उद्देश्य अन्य शिक्षकों को भी इन प्रयासों से प्रेरित करना और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना है। ऐसे राज्य स्तरीय मंच पर चंगोरी विद्यालय के नवाचार को स्थान मिलना प्रधानपाठक वीरेंद्र कुमार साहू की शैक्षणिक प्रतिबद्धता और प्रयासों को पहचान मिलने के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानपाठक वीरेंद्र कुमार साहू द्वारा विद्यालय और बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि पर शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चेतन वर्मा एवं सदस्यों, ग्राम सरपंच श्रीमती रजनी रामकुमार कुर्रे, उपसरपंच माधुरी मंडावी, पालकों, विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त किया है।
