प्रोनित दत्ता/कोंडागांव: आपको बता दे की 22 अगस्त से अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया है। इस हड़ताल में काफी संख्या में शिक्षक भी शामिल है जिसके चलते कई स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हो रही है । कुछ स्कूलों में अलग-अलग संगठन से जुड़े शिक्षक पहुंच रहे हैं उन स्कूलों में पढ़ाई चल रही है शेष स्कूलों के बच्चों का भविष्य अंधकार में है ।
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लेकिन कोरोना वायरस का प्रकोप तो खत्म हो गया , लेकिन शिक्षकों की हड़ताल, मांगे अब तक खत्म नही होने का नाम ले रहा है अधिकांश शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले गए हैं जिससे इन बच्चों के भविष्य पर फिर खतरा मंडरा रहा है । एसे मे राज्य सरकार को बच्चो की भविष्य को देखते हु कोई न कोई कड़ी फैसला करते हुए राज्य के बेरोजगार युवाओं को 25 से 30 हजार रुपए वेतन के साथ नियम शर्तों के तहत बतौर अतिथि शिक्षक की भर्ती करे जिससे की बच्चों के पढ़ाई के साथ खिलवाड़ न हो या फिर सरकार हड़ताली शिक्षको की सारी मांगे पूरी करे ।
क्योंकि सरकारी स्कूलों मे लगातार हड़ताल और छोटे बड़े त्योहारों के लिए लगातार छुट्टी भी बच्चो के शिक्षा को अंधकार मे ले जाने का प्रमुख कारण बन रहा है। वही निजी स्कूल नियमित रूप से संचालित हो रहा है । निजी स्कूलों मे शिक्षको का वेतन सरकारी शिक्षको के वेतन से बहुत ज्यादा कम है और ये शिक्षक सरकारी लाभ से भी वंचित होते हुए भी अपने स्कूल के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर रही है ॰ वही दूसरी ओर अधिक वेतन ,अधिक सुविधाओं, अधिक छुट्टियों के बाद भी सरकारी स्कूलों मे बच्चो की पढ़ाई लाचार है क्यो . ? , एसे मे सरकार को बहुत जल्द इस ओर ध्यान देना चाहिए कि सरकारी स्कूलों के बच्चों का भविष्य अंधकार की तरफ पूरी तरह ना चला जाए।
