डॉ. बिजेन्द सिन्हा जी का संपादकीय लेख “साम्प्रदायिक सद्भाव की रक्षा करना हम सबका दायित्व”
B. R. SAHU CO-EDITOR
Cg24News-R :- हमारा देश कई क्षेत्रों में विकास कर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हुआ है। लेकिन वर्तमान समय में कई क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। साम्प्रदायिक सद्भाव में आई कमी आदि चुनौतियां हमारी प्रगति की राह में बाधक है। इन भौतिक विकास के उपभोग के लिए शांतिपूर्ण माहौल भी होना चाहिए। वर्ग जाति धर्म सम्प्रदाय के आधार पर के आधार पर बंटता जा रहा समाज वर्तमान समय की मुख्य समस्याएं हैं। देश की सुरक्षा समृद्धि और आपसी सद्भाव से ही हमारा भविष्य आधारित है।
विचारणीय है कि समाज में कुछ उग्र विचारधारा के लोग भी होते है, जिनकी गतिविधियों से बचने की जरूरत है। साम्प्रदायिक तनाव राष्ट्रीय एकता को प्रभावित करता है। साम्प्रदायिक तनाव राष्ट्रीय एकता को प्रभावित करता है। इतिहास की घटनाओं को दोहराना कट्टरपंथ की ओर जाना है। आतंकवाद जैसी समस्याओं के मूल में कट्टरता ही है। कट्टरपंथी सोच देश की समन्वयकारी गंगा-जमुनी संस्कृति में बाधक है। जाति धर्म सम्प्रदाय के आधार पर जिस तरह की संकीर्णता का परिवेश वर्तमान समय में दिखाई देता है वह भावी समाज के लिए
चिंताजनक है। मौजूदा परिवेश में जितनी भी भ्रान्तियाँ व समस्याएं दिखती हैं उसके पीछे सिर्फ कट्टरता ही है। आजादी की लड़ाई में सभी जाति धर्म के लोगों का योगदान रहा है। विश्व में हमारे देश की पहचान धर्म निरपेक्ष देश के रूप में रहा है जिसको बनाए रखने की जरूरत है। साम्प्रदायिक तनाव देश हित में नहीं है।सर्व धर्म सद्भाव की गौरवशाली परंपरा को बनाए रखें जिससे हमारा सामाजिक व राष्ट्रीय अस्तित्व की गरिमा कायम रहे। वर्तमान परिस्थिति में समन्वयकारी विचारों को अपनाने की जरुरत है। वर्ग जाति धर्म सम्प्रदाय के आधार पर के आधार पर भेदभाव नहीं करने व सभी धर्मों का सम्मान करने से ही साम्प्रदायिक सद्भाव कायम करना आसान रहेगा।अतः साम्प्रदायिक सद्भाव की रक्षा हमारा महत्वपूर्ण दायित्व है जिससे हमारा देश शांतिपूर्ण उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर हो सके ।