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*डोंगरगढ़ रेल परियोजना ठप, किसानों को हक नहीं, व्यापार नीति से देश को झटका — छत्तीसगढ़ के संसाधन लूटो और विकास पर चुप्पी साधो, यह दोहरी नीति नहीं चलेगी : विष्णु लोधी*

*➡️ छत्तीसगढ़ की उपेक्षा पर 11 में 10 सांसद खामोश — किसान, मजदूर और युवा के साथ अन्याय कब तक? घोषणाओं की राजनीति बंद करो, छत्तीसगढ़ को उसका अधिकार दो : विष्णु लोधी*

राजनांदगांव।

छत्तीसगढ़ लोधी समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विष्णु लोधी ने पूर्व में जारी अपने वक्तव्य को आगे बढ़ाते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ के साथ बजटीय और विकासात्मक न्याय का प्रश्न अभी भी अनुत्तरित है। राज्य के किसान, युवा, मजदूर, आदिवासी और ग्रामीण समाज आज भी ठोस निर्णयों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाइन, जिसकी घोषणा बड़े उत्साह से की गई थी, आज तक धरातल पर गति नहीं पकड़ सकी है। इसी प्रकार डोंगरगढ़-मोहला-मानपुर रेल लाइन, जो दक्षिण भारत से सीधा संपर्क स्थापित कर क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है, जनता की वर्षों पुरानी मांग है — लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस पहल दिखाई नहीं देती।
उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब छत्तीसगढ़ से सत्ता पक्ष के 11 में से 10 सांसद संसद में बैठे हैं, तब राज्य की इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं और विशेष पैकेज की मांग को मजबूती से क्यों नहीं उठाया गया? जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल समर्थन करना नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करना भी है।
किसानों के हितों पर बोलते हुए छत्तीसगढ़ लोधी समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विष्णु लोधी ने मांग की कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को कानूनी रूप से लागू किया जाए, ताकि किसान को उसकी उपज का लागत से डेढ़ गुना समर्थन मूल्य सुनिश्चित हो सके। केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि कानून से किसान को सुरक्षा मिले।
मजदूर वर्ग की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि मनरेगा को कमजोर करने के बजाय उसे और अधिक सशक्त एवं व्यापक बनाया जाए। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पलायन रोकने के लिए रोजगार गारंटी योजना का विस्तार आवश्यक है।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यदि यह तथ्य सही हैं कि अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 3% से बढ़ाकर 18% कर दिया है, जबकि भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ 16% से घटाकर शून्य कर दिया है, और भारत 100 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त अमेरिकी आयात बढ़ाने जा रहा है — तो यह संतुलित और समान व्यापार नीति नहीं कही जा सकती। यदि इसके बदले अमेरिका की ओर से कोई स्पष्ट और समान प्रतिबद्धता नहीं है, तो यह भारत की अर्थव्यवस्था, घरेलू उद्योगों और किसानों के लिए आर्थिक आघात साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक नीति ऐसी होनी चाहिए जो:
किसान को लागत का न्याय दे,
मजदूर को रोजगार की गारंटी दे,
युवाओं के लिए अवसर पैदा करे,
आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे,
और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के हितों की दृढ़ता से रक्षा करे।
“छत्तीसगढ़ खनिज संपदा और कृषि उत्पादन में देश को बड़ा योगदान देता है। ऐसे राज्य की उपेक्षा स्वीकार्य नहीं है। जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि परिणाम चाहती है। छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान और अधिकार के लिए हमारी आवाज आगे भी बुलंद रहेगी,” उन्होंने कहा

राजनांदगांव से दीपक साहू की रिपोर्ट

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