शशिकांत सनसनी छत्तीसगढ़
थाना इंदागांव अंतर्गत ओडिशा सीमा पर स्थित ग्राम अमली के जंगल क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी बम को जिला पुलिस बल, बीडीएस टीम और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने नष्ट कर दिया है। साथ ही नक्सलियों का डम्प भी बरामद किया गया है। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
जिला मुख्यालय से लगभग 80 किमी दक्षिण में, थाना इंदागांव के अंतर्गत ओडिशा सीमा से लगे ग्राम अमली के जंगल में नक्सलियों द्वारा पुलिस पार्टी और ग्रामीणों को नुकसान पहुँचाने के इरादे से लगाए गए आईईडी को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया गया।
वहीं, आसपास के इलाके में मिले एक अन्य नक्सली डम्प से विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएँ बरामद की गईं।
यह संयुक्त कार्रवाई जिला पुलिस गरियाबंद, बीडीएस टीम और ए/211 बटालियन सीआरपीएफ कैंप इंदागांव द्वारा की गई।
स्थानीय सूचना तंत्र से मिली आसूचना के आधार पर 12 दिसंबर 2025 को जिला पुलिस, बीडीएस टीम और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें जंगल और पहाड़ी क्षेत्र की ओर सर्चिंग अभियान पर रवाना हुईं।
सर्चिंग के दौरान बीडीएस टीम ने जमीन में छिपाकर रखे गए आईईडी को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही विस्फोट कर नष्ट कर दिया।
इसके बाद आसपास की सघन तलाशी के दौरान एक पेड़ के नीचे छिपा संदिग्ध नक्सली डम्प मिला। सुरक्षात्मक खुदाई में प्लास्टिक ड्रम के भीतर रखा विस्फोटक और सामग्री बरामद किया गया।
बरामद सामग्री—
02 नग सिंगल शॉट,05 नग डेटोनेटर,इलेक्ट्रिक वायर (01 बंडल),बैटरी,दवाइयाँ,02 खाली टिफ़िन बॉक्स,05 नग गरम कपड़े,रस्सी, चप्पल, पानी की बोतल,और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री
जिला गरियाबंद क्षेत्र में सक्रिय शासन द्वारा प्रतिबंधित माओवादी संगठन—डीजीएन डिवीजन के नक्सलियों ने पुलिस और ग्रामीणों में दहशत फैलाने तथा क्षति पहुँचाने के उद्देश्य से यह आईईडी और डम्प सामग्री छिपाकर रखी थी।
जिला पुलिस की तत्परता, बीडीएस टीम की विशेषज्ञ कार्यवाही और सीआरपीएफ के सहयोग से नक्सलियों की इस दूषित रणनीति को विफल करते हुए सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है।
