समस्याओं की पहचान कर समाधान विकसित करें जिससे लोग लाभान्वित हो -राज्यपाल श्री डेका
* रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स युनिवर्सिटी के विद्यारंभ समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
* विश्वविद्यालय के ड्रोन क्लब का किया उद्घाटन
जब आप यहाँ से स्नातक होंगे, तो आपके पास केवल एक डिग्री ही नहीं होगी, बल्कि आपके पास वैश्विक प्रौद्योगिकी परिदृश्य को परिभाषित करने वाली कंपनियों के प्रमाणपत्र भी होंगे। आपका रिज्यूमे एक ऐसी भाषा बोलेगा जिसे दुनिया भर के नियोक्ता समझते और सम्मान करते हैं। राज्यपाल ने कहा आप सभी रोज़गार की तलाश से आगे सोचे, रोज़गार सृजन के बारे में सोचें। समाज में समस्याओं की पहचान करने और ऐसे समाधान विकसित करने के बारे में सोचें जिनसे लाखों लोगों को लाभ हो सके।
यहाँ की सहायता प्रणाली – मार्गदर्शन से लेकर वित्तपोषण तक – आपके सपनों को हकीकत में बदलने के लिए डिज़ाइन की गई है। राज्यपाल ने कहा कि यहाँ की ड्रोन प्रयोगशाला इस बात का एक आदर्श उदाहरण है कि कैसे तकनीक का उपयोग सामाजिक लाभ के लिए किया जा सकता है। ड्रोन केवल उड़ने वाले उपकरण नहीं हैं; वे ऐसे उपकरण हैं जो कृषि, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा वितरण और पर्यावरण निगरानी में क्रांति ला सकते हैं। जब आप इस प्रयोगशाला में प्रयोग और नवाचार करते हैं, तो याद रखें कि प्रत्येक परियोजना में जीवन को प्रभावित करने और समुदायों को बदलने की क्षमता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और अनगिनत अन्य तकनीकें हर उद्योग को नया रूप दे रही हैं। आज जो नौकरियाँ मौजूद हैं, वे कल अप्रचलित हो सकती हैं, जबकि नई भूमिकाएँ उभरेंगी जिनकी हम आज कल्पना भी नहीं कर सकते। राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल के रूप में, मुझे कई सफल पेशेवरों, उद्यमियों और अन्य लोगों से मिलने का सौभाग्य मिला है। उन्हें सिर्फ़ उनका तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि समस्याओं को सुलझाने की उनकी क्षमता, जोखिम उठाने की उनकी इच्छाशक्ति, दूसरों का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता और बदलाव लाने की उनकी प्रतिबद्धता भी अलग बनाती है।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा, इस रोमांचक यात्रा की शुरुआत करते हुए, मैं चाहता हूँ कि आप जिज्ञासु रहें, हर चीज़ पर सवाल उठाएँ, हर अवसर का लाभ उठाएँ और सीखना कभी बंद न करें, सहयोगी बनें, सर्वाेत्तम नवाचार तब होते हैं जब विविध विचार एक साथ काम करते हैं। साहसी बनें, असफल होने से न डरें, कोशिश करने से न डरें और प्रतिबद्ध रहें। उत्कृष्टता कोई संयोग नहीं है, यह निरंतर प्रयास का परिणाम है। अपने कौशल का उपयोग वास्तविक समस्याओं को हल करने और ज़रूरतमंदों की मदद करने के लिए करें।
मैं एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता हूँ जहाँ आरआईएसयू के स्नातक प्रमुख निगमों का नेतृत्व कर रहे हों, नवीन कंपनियाँ शुरू कर रहे हों, अभूतपूर्व शोध कर रहे हों और विभिन्न क्षमताओं में समाज की सेवा कर रहे हों। मैं आपको छत्तीसगढ़ का गौरव और भारत की ताकत बनते हुए देख रहा हूँ। अब से तीन या चार साल बाद जब आप इन द्वारों से बाहर निकलेंगे, तो आप अपने साथ न केवल शैक्षणिक डिग्रियां लेकर जाएंगे, बल्कि उद्योग प्रमाणपत्र, व्यावहारिक अनुभव, उद्यमशीलता की मानसिकता और सबसे महत्वपूर्ण बात, किसी भी चुनौती को स्वीकार करने का आत्मविश्वास भी लेकर जाएंगे।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को आगे की शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आप कुशल पेशेवर, नवोन्मेषी उद्यमी और ज़िम्मेदार नागरिक बनकर उभरें, जिन पर हम सभी को गर्व होगा। राज्यपाल श्री डेका ने अपने कर कमलों से युनिवर्सिटी के प्रतिभावान छात्रों को स्मृति चिन्ह भेंट किया। राज्यपाल और अन्य अतिथियों ने एक पेड़ मां के नाम योजना के अंतर्गत युनिवर्सिटी परिसर में वृक्षारोपण भी किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने संक्षिप्त उद्बोधन में सांसद श्री बघेल ने कहा कि भिलाई शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम गढ़ने जा रहा है। रूंगटा युनिवर्सिटी में देश ही नहीं विदेश से भी बच्चे यहां पढ़ने आए हैं। जिस भाव से बच्चे यहां आए है, उनकी सभी भाव की पूर्ति करने में युनिवर्सिटी की शिक्षा पद्धति सहायक हो। सांसद ने शिक्षा के साथ अनुशासन पर जोर देते हुए सभी नव प्रवेशी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। विधायक श्री रिकेश सेन ने कहा कि युनिवर्सिटी में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के विद्यारंभ हेतु प्रदेश के राज्यपाल स्वयं यहां पधारे है।
यह सौभाग्य की बात है कि रूंगटा युनिवर्सिटी वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने अपने संबोधन में ’’ काक चेष्टा, बको ध्यानं, श्वान निद्रा, अल्पाहारी, गृहत्यागी’’ विद्यार्थियों को विद्यार्थी के उक्त पांच लक्षणों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए उनको उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। रूंगटा युनिवर्सिटी के कुलपति श्री संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में युनिवर्सिटी के शैक्षणिक गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर युनिवर्सिटी के प्रध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।