राजनांदगांव : पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल और जिला अध्यक्ष त्रिगुण सादानी के साथ सोमवार को पीड़ित पालको ने नवपदस्थ डीईओ राजेश सिंह के समक्ष अपना पक्ष रखा और स्कूल के प्राचार्य को डीईओ ने दो टूक कह दिया कि आरटीई के गरीब बच्चों का सीबीएसई में पंजीयन 24 घंटे भीतर हो जाना चाहिए नही तो स्कूल की मान्यता समाप्ति की कार्यवाही की जाएगी।
प्रार्थी पालको ने डीईओ को बताया कि उनके बच्चों को अप्रेल माह में आरटीई नोडल अधिकारी अदित्य खरे और नोडल प्राचार्य सुनिता खरे के द्वारा वाइडनर स्कूल के कक्षा नवमी में प्रवेश दिलाया गया था और उनके बच्चे स्कूल जा रहे थे और अचानक दिनांक 29 सिंतबर को उन्हे स्कूल के फादर प्राचार्य के द्वारा बुलाकर यह जानकारी दिया गया कि उनके बच्चों को मध्य स़त्र में स्कूल से निकाल दिया गया है क्योंकि उनके बच्चों का सीबीएसई में पंजीयन नही कराया गया है।
पीड़ित पालको ने भी नवपदस्थ डीईओ को दो टूक कह दिया है कि उनके बच्चे कक्षा बारहवी तक उसी स्कूल में पढ़ेंगे, और यह शिक्षा विभाग की बाध्यता है, नही तो स्कूल चलने नही दिया जाएगा, यदि कोई अव्यवस्था उत्पन्न होती है तो इसलिए जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन भी इस मामले को और तुल देने के मूड़ में नही है क्योंकि मामला गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने से जूड़ा हुआ है और प्रशासन की यह बाध्यता है कि आरटीई के गरीब बच्चों को कक्षा बारहवी तक निःशुल्क शिक्षा दिलाया जावे क्योंकि मध्य सत्र में गरीब बच्चों को स्कूल से निकालना कानून का उल्लघंन है और इसके लिए स्कूल प्रशासन पूर्णतः उत्तरदायी है। जिला प्रशासन स्कूल के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के मूड़ में दिख रहा है और इसकी जानकारी स्कूल के प्राचार्य को कार्यालय बुलाकर दे दिया गया है।
