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किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त की तारीख तय, पीएम मोदी इस दिन ट्रांसफर करेंगे 20 हजार करोड़ रुपय…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) 18 जून को पीएम किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी करेंगे। प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से देश के 9.3 करोड़ किसानों को 2-2 हजार रुपये की किस्त ट्रांसफर करेंगे। जिसमें 20 हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। वहीं इससे पहले पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 16वीं किस्त 28 फरवरी को जारी की गई थी। जिसमें किसानों को 21 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ट्रांसफर की गई थी। इस योजना के अंतर्गत सरकार हर साल 2-2 हजार रुपये की तीन किस्तों में 6000 रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर करती है।

हर साल किसानों को मिलते हैं 6000 रुपये

आपको बता दे कि, इस योजना के माध्यम से किसानों को साल में दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तें (कुल 6000 रुपये) दी जाती हैं। वहीं इस योजना के तहत पहली किस्त अप्रैल-जुलाई, दूसरी किस्त अगस्त-नवंबर और तीसरी किस्त दिसंबर-मार्च के बीच जारी की जाती है। किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए इस योजना की शुरुआत 2019 में की गई थी। योजना के पात्र लाभार्थी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा स्थानीय पटवारी, राजस्व अधिकारी और योजना के लिए राज्य सरकार द्वारा नामित नोडल अधिकारी किसानों का पंजीकरण कर रहे हैं।

PM Kisan Yojana में सभी किसानों को मिलता है लाभ

जब पीएम-किसान योजना (फरवरी-2019) में शुरू की गई थी, तो इसका लाभ केवल छोटे और सीमांत किसानों के परिवारों को ही मिलता था। इसमें वे किसान शामिल थे, जिनके पास कुल मिलाकर 2 हेक्टेयर तक की जमीन थी। जून 2019 में इस योजना को संशोधित कर सभी किसान परिवारों के लिए लागू कर दिया गया। हालांकि, अभी भी कुछ किसान इस योजना से बाहर हैं।

पीएम किसान से बाहर रखे गए लोगों में संस्थागत भूमि धारक, संवैधानिक पदों पर आसीन किसान परिवार, राज्य या केंद्र सरकार के सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सरकारी स्वायत्त निकायों के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। और इनके अलावा डॉक्टर, इंजीनियर और वकील जैसे पेशेवरों के साथ-साथ 10,000 रुपये से ज्यादा मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त पेंशनभोगी और पिछले मूल्यांकन वर्ष में आयकर का भुगतान करने वाले लोगों को भी इस योजना से बाहर रखा गया है।

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