राजनांदगांव : नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष शिव वर्मा ने डामरीकरण को लेकर निगम प्रशासन तथा महापौर पर तीखी आलोचना करते हुए कहा कि शहर विकास के लिए किसी को चिंता नहीं है। तथा कहीं पर थोड़ा बहुत काम चल भी रहा है वह भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए हैं। शहर में होने वाले डामरीकरण विगत 20 दिनों से बंद है सिर्फ पैसा नहीं मिलने के कारण ठेकेदार को कांग्रेस के महापौर तथा शासन प्रशासन पर भरोसा नहीं है।
20 दिन पहले डामरीकरण का शुरुआत हुआ उसी समय डामरीकरण की गुणवत्ता को लेकर निगम प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराया था दूसरे दिन निगम प्रशासन स्थल में जाकर क्या देखा जो डामरीकरण को सही ठहराया। आज 1 दिन की बारिश में डामरीकरण ऊपर का परत उखड़ गया। ऐसा लगता है की डामरीकरण में डामर का ही उपयोग नहीं किया गया बल्कि डामर की जगह हल्का डामर तथा जला तेल का उपयोग किया गया है जिसके कारण एक ही बरसात में डामरीकरण का पोल खुल गया है।
अब देखना है कि निगम प्रशासन डामरीकरण को लेकर ठेकेदार पर क्या कारवाही करता है। शिव वर्मा ने निगम प्रशासन से मांग करते हुए आगे कहा कि जब तक ठेकेदार के द्वारा मानव मंदिर चौक से गुरुद्वारा तक फिर से डामरीकरण कार्य करने के बाद ही राशि जारी करें। अभी वर्तमान में शहर के अधिकांश हिस्सों में सड़क की स्थिति अत्यधिक खराब है जगह-जगह गड्ढे श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र की स्थिति खराब है।
जिस जिस वार्ड में नया बस्ती का बसावट हुआ है वहां तक सड़क नाली विद्युत खंभा नहीं होने से लोगों को घर तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा रहा है। नया डामरीकरण ठेकेदार की लापरवाही के कारण नगर निगम का जी का जंजाल बन गया हुआ है। निगम प्रशासन इस पर उचित कार्रवाई करते हुए ठेकेदार को आदेशित करें कि उस सड़क का फिर से निर्माण करें ताकि शहर की जनता को हिचकोले खाने से बच जाए।
