रिपोर्टर _ सूरज साहू धमतरी
छत्तीसगढ़ के धमतरी में धान खरीदी को लेकर किसानों की समस्याओं के विरोध में कांग्रेस ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। संबलपुर नेशनल हाईवे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने करीब आधे घंटे तक नारेबाजी करते हुए सरकार की धान खरीदी नीति पर सवाल खड़े किए।
प्रदर्शन को देखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर चप्पे-चप्पे पर तैनात रही। चक्काजाम के कारण नेशनल हाईवे से गुजरने वाले लोगों को कुछ देर परेशानी का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस का कहना है कि अब तक कई किसानों का टोकन नहीं कट पाया है, जिससे वे अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं। इसी को लेकर कांग्रेस ने धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग की है।
शुरुआती दौर में टोकन कटवाने को लेकर किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ समय बाद स्थिति सामान्य हुई, लेकिन 15 जनवरी के बाद एक बार फिर किसानों की परेशानियां बढ़ गईं।
रकबा समर्पण के आदेश जारी होते ही छोटे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गईं। आरोप है कि बड़े किसानों का धान तो खरीदा जा चुका है, लेकिन छोटे किसान शासन की गाइडलाइन में उलझ गए हैं।
किसानों का कहना है कि अधिकारी घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कर रहे हैं और सत्यापन में जितना रकबा दर्ज होगा, उतना ही धान खरीदा जाएगा।
इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने किसानों के साथ मंगलवार को नेशनल हाईवे संबलपुर में एक दिवसीय चक्काजाम कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला।
सोहन लाल साहू (किसान)
तारिणी चंद्राकर (जिला अध्यक्ष, कांग्रेस धमतरी)
कांग्रेस के इस प्रदर्शन के दौरान एक अनोखा नजारा भी देखने को मिला। कुरूद विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक लेखराम साहू ट्रैक्टर चलाकर किसानों के साथ चक्काजाम स्थल पर पहुंचे।
मीडिया से बातचीत में लेखराम साहू ने कहा कि जिन किसानों के टोकन कट चुके हैं, उनका पूरा धान खरीदा जाए और धान खरीदी की तारीख कम से कम एक माह और बढ़ाई जाए, ताकि बचे हुए किसान भी अपना धान बेच सकें।
वहीं इस मामले में धमतरी एसडीएम पीयूष तिवारी ने बताया कि कांग्रेस द्वारा किसानों की समस्याओं को लेकर आवेदन दिया गया है, जिसे कलेक्टर के माध्यम से शासन तक भेजा जाएगा। हालांकि धान खरीदी की तारीख बढ़ाने को लेकर फिलहाल शासन से कोई आदेश नहीं मिला है।
लेखराम साहू (पूर्व विधायक, कांग्रेस – कुरूद)
पीयूष तिवारी (एसडीएम, धमतरी)
बहरहाल, कांग्रेस के इस चक्काजाम का सरकार पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाला समय बताएगा। धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी है और ऐसे में खरीदी अब कुछ ही दिनों तक चल पाएगी।
यदि सरकार किसानों की समस्याओं को देखते हुए धान खरीदी की अवधि बढ़ाती है, तो इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। फिलहाल सभी की नजरें सरकार के फैसले पर टिकी हुई हैं।