राजनंदगांव । नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष शिव वर्मा ने महापौर तथा कांग्रेस पार्षदों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ महापौर परिषद जलकर , समेकित कर संपत्ति कर , गुर्जर चार्ज ठेके में वसूली के लिए परिषद स्वीकृति प्रदान करता है और सरकार जाते ही कुछ कांग्रेसी पार्षद इसका विरोध कर अपनी राजनीति रोटी सेंकने में लगी हुई है। यही कांग्रेस का दोहरा चरित्र है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के पूर्व महापौर परिषद ने शहर की जनता से टैक्स वसूली के लिए रांची की कंपनी को इसका जिम्मेदारी दिया गया। तथा वहीं दूसरी बोल रांची की कंपनी ने पूरे 51 वार्ड में अपने कर्मचारी लगाकर एक-एक घरों का दुकानों का लंबाई चौड़ाई क्षेत्रफल का सर्वे किया गया है उसी का आधार से 2024 , 2025 का टैक्स लेने तैयारी कर रहे हैं।
महापौर परिषद द्वारा जब इस कंपनी को वसूली के लिए दिया गया उनसे अनुबंध किया गया तब कांग्रेस के पार्षद विरोध क्यों नहीं किया। तब तक अपनी सरकार में आंख बंद कर रखे थे। कांग्रेस के सरकार जाते ही अब जनता के हित में घड़ीयली आंसू बहा रहे हैं।
श्री वर्मा ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्षद द्वारा अपने महापौर से चर्चा करने के बजाय जबरदस्ती नाटक नौटंकी कर रहे हैं। शहर में जल कर, संपत्ति कर, समेकित कर, गूगल चार्ज की वसूली ठेकेदारी प्रथा से वसूली करने के लिए महापौर ने सहमति प्रदान कर रांची की कंपनी को सर्वे करने की जिम्मेदारी दिया।
