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वन विभाग के निष्क्रिय डीएफओ के विरुद्ध सौंपा शिकायती पत्र, सक्रिय अधिकारी हो जिले में पदस्थ ताकि जिले का हो सके विकास

वन विभाग के निष्क्रिय डीएफओ के विरुद्ध सौंपा शिकायती पत्र, सक्रिय अधिकारी हो जिले में पदस्थ ताकि जिले का हो सके विकास

कोंडागांव : वनमंडलाधिकारी दक्षिण वन मंडल कोंडागांव रमेश कुमार जांगड़े के द्वारा आमजनो के साथ दुर्व्यवहार शिकायत की शिकायत करते जिले के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम आवेदन कलेक्टर को ज्ञापन सौपा है, यह पहली दफा होगा कि जिन अधिकारी के खिलाफ शिकायतें आ रही है उसी अधिकारी के समक्ष उपस्थित हो पत्रकारों ने उन्हें भी उनके खिलाफ आ रही शिकायतों से अवगवत करवाते इन्हें भी आवेदन सौपा है।

ज्ञात हो कि वनमंडलाधिकारी अधिकारी रमेश कुमार जांगड़े से ग्रामीण जन परेशान है,वन अधिकार पत्र की योजनाओं को लेकर वनमंडलाधिकारी रमेश जांगड़े कार्यो के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे शासन की महती योजनायें धरातल पर फलीभूत नजर नहीं आ रही है वहीं डीएफओ के सुस्त रवैए की वजह से शहरी आवासीय पट्टा के अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए रुपये मांगने की बाते भी सूत्रों से प्राप्त हो रही है।

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से लगातार दुर्व्यवहार की शिकायतों के साथ ही पत्रकारों से भी लगातार दुर्व्यवहार की बाते सामने आ रही है,उनके गैरजिम्मेदाराना हरकतों का जिले के पत्रकारों द्वारा पुरजोर विरोध करते विधानसभा उपाध्यक्ष संत नेताम, मोहन मरकाम पीसीसी चीफ छत्तीसगढ़ , विभागीय मंत्री मोहम्मद अकबर व सीसीएफ के नाम शिकायती पत्र सौंपा है।

आवेदन सौपते जिले के पत्रकारों ने कहा की जिनके कंधे पर जिम्मेदारी है वह अधिकारी अपने कार्य के प्रति गंभीर नहीं है ऐसे में उक्त अधिकारी के कृत्य से शासन की योजनाएं भी धरातल पर प्रभावित हो रही है व आम जनता तक सरकार की योजनाएं नही पहुंच पा रही है। ऐसे निष्क्रिय अधिकारी को जिले से अन्यत्र हटाकर सक्रिय अधिकारी पदस्थ कराने का निवेदन किया गया है ताकि जिले का समसामयिक विकास हो सके।

7 दिन के अंदर कार्यवाही नहीं होने पर ग्रामीणों संग पत्रकार करेंगे आंदोलन

7 दिवस के अंदर अगर आवेदन पर उचीत कार्यवाही नहीं होती है तो जिले के पत्रकार एवं वन अधिकार पट्टे से वंचित ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में आवासीय पट्टे के लाभ से वंचित आमजन पत्रकारों के साथ आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

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