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कलेक्टर की कड़क कार्रवाई: ‘बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई’ पोड़ी बछरा आत्मानंद स्कूल में शैक्षणिक स्तर खराब मिलने पर प्राचार्य को लगाई कसके फटकार, गुणवत्ता सुधारने के दिए सख्त निर्देश

कलेक्टर की कड़क कार्रवाई: ‘बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई’

​पोड़ी बछरा आत्मानंद स्कूल में शैक्षणिक स्तर खराब मिलने पर प्राचार्य को लगाई कसके फटकार, गुणवत्ता सुधारने के दिए सख्त निर्देश

​‘नौकरी ही करियर नहीं, जुनून से बनता है भविष्य’: विद्यार्थियों से रूबरू हुईं कलेक्टर रोक्तिमा यादव; हर शनिवार होगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

बैकुंठपुर/पोड़ी (कोरिया) 

​कोरिया जिले की कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव बुधवार को पोड़ी बछरा स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के औचक निरीक्षण पर पहुँचीं। निरीक्षण के दौरान जब कलेक्टर ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर का आकलन किया, तो स्थिति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई। इस पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने विद्यालय के प्राचार्य को मौके पर ही कसके फटकार लगाई और सख्त चेतावनी दी कि शिक्षा की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी प्रशासनिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

​”बच्चों को अपने बच्चों की तरह पढ़ाएं, केवल खानापूर्ति न करें”

​कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने शिक्षकों को कड़े शब्दों में हिदायत देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को केवल सिलेबस पूरा कराने के उद्देश्य से न पढ़ाएं, बल्कि उन्हें अपने बच्चों की तरह मानकर उनकी नींव मजबूत करें। बच्चों में आत्मविश्वास, तार्किक सोच और सामान्य ज्ञान विकसित करना प्रत्येक शिक्षक की नैतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी है।

​”आज मैं छात्रा बनती हूँ और आप सब शिक्षक”

​कड़ा रुख अपनाने के साथ ही, कलेक्टर ने बच्चों के बीच पहुँचकर बेहद आत्मीय माहौल बनाया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “चलिए, आज कुछ देर के लिए मैं इस कक्षा की छात्रा बनती हूँ और आप सब मेरे शिक्षक।”

​इसके बाद शुरू हुए सवाल-जवाब के सिलसिले में:

​नौकरी ही करियर नहीं, अपनी रुचि और जुनून को पहचानें

​विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कलेक्टर ने कहा कि करियर का दायरा सिर्फ सरकारी या निजी नौकरी पाने तक सीमित नहीं है:

  1. रुचि अनुसार चयन: डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, पुलिस या शिक्षक बनने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से युक्त कृषि क्षेत्र (Agri-tech) में भी बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है।
  2. तकनीक का सही इस्तेमाल: मोबाइल और कंप्यूटर का उपयोग सिर्फ सोशल मीडिया के लिए नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न और करियर विकल्पों की जानकारी जुटाने के लिए करें।
  3. मेहनत का मूल्य: जीवन के शुरुआती वर्षों में की गई लगन और मेहनत आगे के पूरे जीवन को आत्मनिर्भर और सरल बनाती है।

​हर शनिवार होगी प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी

​स्कूल में शैक्षणिक माहौल सुधारने के लिए कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया:

​कलेक्टर की इस कड़क प्रशासनिक कार्यशैली और प्रेरणादायक संवाद से जहाँ लापरवाही बरतने वाले अमले में हड़कंप है, वहीं विद्यार्थियों में भारी उत्साह देखा गया।

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