सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस: कारण, लक्षण, रोकथाम, जांच जानिये डॉ खुर्शीद खान से…
धरमजयगढ़ : पूर्व चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विजय नगर धरमजयगढ़ ने बताया सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस एक “गर्दन की हड्डियों (सर्वाइकल स्पाइन) में होने वाली अपक्षयी बीमारी” है। यह मुख्यतः बढ़ती उम्र, गलत जीवनशैली और गर्दन पर अत्यधिक दबाव के कारण होती है। इसे आमतौर पर **गर्दन का गठिया (neck arthritis) भी कहा जाता है।*सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस के कारण (Causes) ।
1. बढ़ती उम्र (Ageing): 40 वर्ष के बाद हड्डियों और डिस्क में घिसाव शुरू हो जाता है।
2. गलत बैठने की आदत (Poor Posture): लंबे समय तक कंप्यूटर, मोबाइल या झुककर बैठना।
3. चोट या आघात (Injury): गर्दन पर पुरानी चोट या दुर्घटना का प्रभाव।
4. अत्यधिक भार (Heavy Lifting): भारी वजन उठाने से सर्वाइकल स्पाइन पर दबाव।
5. अनुवांशिक कारण (Genetic Factors): परिवार में पहले से समस्या होना।
6. लाइफस्टाइल कारण: व्यायाम की कमी, मोटापा, धूम्रपान।
✔ गर्दन में दर्द और अकड़न
✔ कंधे और हाथों में दर्द
✔ सिरदर्द, खासकर पीछे की तरफ
✔ चक्कर आना या वर्टिगो
✔ हाथों में झुनझुनी या सुन्नपन
✔ गर्दन घुमाने में कठिनाई
✔ कभी-कभी संतुलन की समस्या
✅ सही पॉश्चर अपनाएं (सिर झुकाकर मोबाइल न देखें)
✅ नियमित गर्दन के व्यायाम करें
✅ लंबे समय तक एक ही पोजीशन में काम न करें
✅ गर्दन को ज्यादा मोड़ने या भारी वजन उठाने से बचें
✅ संतुलित आहार और कैल्शियम-प्रोटीन युक्त भोजन लें
✅ सोने के लिए सही ऊंचाई का तकिया चुनें।
**जांच (Lab Investigations)**
1. X-Ray Cervical Spine– हड्डियों में बदलाव देखने के लिए।
2. MRI Cervical Spine– नसों पर दबाव और डिस्क की स्थिति जांचने के लिए।
3. CT Scan– हड्डियों और जोड़ों की डिटेल जांच।
4. Neurological Examination– नसों के फंक्शन की जांच।