कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देश पर कृषि विभाग ने जिले में उर्वरक विक्रेताओं पर बड़ी कार्रवाई की है। खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने 7 निजी उर्वरक दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया।
गंज मंडी, राजनांदगांव स्थित दादाजी एग्री क्लीनिक के परिसर में अधिकारी जब पहुंचे तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ—विक्रेता बिना अनुज्ञप्ति के ही खाद का व्यापार कर रहा था। तत्काल दुकान सील कर दी गई।
डोंगरगांव विकासखंड में शीतल कृषि केन्द्र को नोटिस दिया गया। वहीं सिन्हा कृषि केन्द्र पर मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करने और रिकॉर्ड संधारण की अनियमितताओं के चलते उसकी लाइसेंस निलंबित कर दी गई।
इसी तरह सहसपुर दल्ली के आशीर्वाद एग्रो, कबीर कृषि केन्द्र और छुरिया के सिद्धकी कुरैशी कृषि केन्द्र पर भी पंजी संधारण व मूल्य सूची प्रदर्शित न करने का आरोप लगा। इनकी अनुज्ञप्ति 21 दिनों के लिए निलंबित की गई है।
उप संचालक कृषि, टीकम सिंह ठाकुर ने सभी खाद विक्रेताओं से अपील की है कि किसानों के हित में शासन द्वारा तय दर पर ही खाद उपलब्ध कराएं और हर लेन-देन का रिकॉर्ड पीओएस मशीन में दर्ज करें। साथ ही चेतावनी दी कि शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी।